“&Then” की अनकही कहानी: वह रेस्तरां जो चियांग माई में स्वाद को संस्कृति और प्रेरणा की भाषा बनाता है

चियांग माई के ऐतिहासिक चांग मोई (Chang Moi) जिले में राचाวงศ์ रोड पर स्थित लान्นา-बर्मीज़ रेस्तरां “&Then” की रोशनी, बाहर पुराने शहर के अंधेरे को चीरती हुई चमकती है. जैसे ही आप दरवाजा खोलते हैं, धीमी आंच पर पकते मसालों की भीनी सुगंध आपका स्वागत करती है. यहाँ मेहमानों की हंसी और खाने के जायके पर चल रही चर्चाएं गूंजती हैं — बचपन की यादों से लेकर इस शहर को बेहतर बनाने के सपनों तक.

इस सहज और अपनापन भरे माहौल के पीछे तीन संस्थापकों — नामतान (Namtan Pattaranit Srijandr), बेन (Ben Kanjavara Huangsuwanakorn) और शेफ ट्रिश (Trish) — की गहरी सोच है. वे चाहते थे कि यहाँ आने वाले मेहमान ठीक वैसा ही महसूस करें, जैसे वे किसी दोस्त के घर आए हों, जहां बेहतरीन भोजन उनका इंतजार कर रहा हो. यह एक ऐसा स्थान है जो भोजन को किसी देश या संस्कृति की सीमाओं में नहीं बांधता, बल्कि एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहां लोग स्वाद और प्रेरक संवादों के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ सकें.

यह भी पढ़ें: चियांग माई का जादू: उत्तर थाईलैंड के बेहतरीन रेस्तरां और बार जो आपका मन मोह लेंगे

चियांग माई का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. पर्यटन का मौसम छोटा हो गया है, धूल और प्रदूषण की समस्याएं बढ़ी हैं, और हर साल बाढ़ व आर्थिक चुनौतियां सामने आती हैं. इन सबके बीच, “&Then” खुद को एक वाइन बार से एक आधुनिक लान्นา-बर्मीज़ फ्यूजन रेस्तरां में बदल रहा है. वे विभिन्न संस्कृतियों को आधुनिक तकनीकों के साथ मिलाकर अपनी “जड़ों” को गहरा कर रहे हैं, ताकि वे समुदाय के साथ लंबे समय तक खड़े रह सकें. वे शहर के साथ जिम्मेदारी और रचनात्मकता से जीने का तरीका खोज रहे हैं — उस चियांग माई में जो शायद अब पहले जैसा रोमांटिक नहीं रहा, लेकिन जिसका दिल अब पहले से कहीं अधिक दृढ़ और सच्चा है.

इतिहास और यादों की भाषा के रूप में भोजन

“&Then” का भोजन बर्मी, ताई-याई (Tai Yai), चीनी और मुस्लिम संस्कृतियों से प्रभावित है. लेकिन इसे किसी एक राष्ट्रीयता के ढांचे में सीमित नहीं किया जा सकता. इसके बजाय, यहाँ का भोजन एक भाषा के रूप में काम करता है जो चियांग माई के प्रवासन, लोगों और साझा यादों की कहानियां कहता है. यह बिना शब्दों के, भोजन की थाली के माध्यम से 200 से अधिक वर्षों के भूगोल और प्रवासन के इतिहास को बयां करता है.

इसकी शुरुआत तीन दोस्तों के मिलन से हुई, जिनके पास अलग-अलग लेकिन पूरक कौशल थे. नामतान एक इतिहासकार और मुस्लिम पृष्ठभूमि से हैं, जो अब व्यवसाय और वाइन विशेषज्ञ बन गई हैं; उनका मानना है कि भोजन समानता का प्रतीक है. बेन एक चीनी मूल की क्रिएटिव डायरेक्टर हैं, जो बड़े परिवार में खाना पकाने की यादों के साथ बड़ी हुईं. और शेफ ट्रिश, एक बर्मी-शान (Burmese-Shan) शेफ हैं, जिन्होंने ले कॉर्डन ब्लू (Le Cordon Bleu) से प्रशिक्षण लिया और बैंकॉक के मिशिगन रेस्तरां में अनुभव प्राप्त किया. तीनों ने अपने अनुभवों के “जिगसॉ पज़ल” को जोड़कर “&Then” को जन्म दिया — एक ऐसी जगह जहां जड़ें और संस्कृति अद्वितीय स्वाद और कहानियों में घुल-मिल जाती हैं.

“हर बार जब हम ‘खाओ सोय’ (Khao Soi) की बात करते हैं, तो मुझे समझाना पड़ता है कि यह व्यंजन भारत, बर्मा और चीन से होते हुए लान्นา तक कैसे पहुंचा,” नामतान कहती हैं. “&Then” के लिए, खाओ सोय सिर्फ उत्तर का प्रसिद्ध व्यंजन नहीं है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक यात्रा का प्रमाण है.

ถ้าดูประวัติศาสตร์อาหารจริงๆ จะเห็นว่าสูตรมันหายไปตลอดเวลา และถึงมีสูตร คนทำก็ไม่ใช่คนเดิมแล้ว เราเลยไม่เชื่อว่ามีอะไรที่เรียกว่าจริงแท้ (authentic) แบบตายตัว - เชฟทริช

रेस्तरां के कई मेनू इसी तरह एक माध्यम का काम करते हैं. उदाहरण के लिए, ‘जिन वाई’ (कचिन हर्बल बफ़ेलो सलाद) एक ऐसा व्यंजन है जो सवाल उठाता है कि जो भोजन हमें अपरिचित लगता है, वह स्वाद और अहसास में इतना जाना-पहचाना क्यों है.

“ट्रिश ने बताया कि यह उनका नाश्ता हुआ करता था, और मैंने सोचा... अरे, ऐसा खाना तो मेरे घर में भी बनता है,” नामतान उस पल को याद करते हुए हंसती हैं जब उन्हें यह समानता मिली. “इससे हमें समझ आया कि वास्तव में हमारी जड़ें एक-दूसरे से कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं.”

शेफ ट्रिश पारंपरिक विधियों की जटिलता को कम करने और विशिष्ट स्वादों को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए आधुनिक खाना पकाने की तकनीकों का उपयोग करती हैं.

“इसकी शुरुआत तब हुई जब मैंने टीम का खाना देखा और पाया कि वह मेनू चियांग माई की पहचान (The identity of Chiang Mai) को बहुत स्पष्ट रूप से दर्शाता है. इसमें बर्मी प्रभाव (Burmese influence) और स्थानीय आभा का ऐसा मिश्रण था जिसे अलग नहीं किया जा सकता,” शेफ ट्रिश बताती हैं.

“अगर आप भोजन के इतिहास को देखें, तो पाएंगे कि व्यंजन विधियां समय के साथ लुप्त होती रहती हैं,” शेफ ट्रिश समझाती हैं. “और अगर विधि है भी, तो बनाने वाले हाथ बदल चुके होते हैं. इसलिए हम किसी भी चीज के ‘पूर्णतः असली’ (authentic) होने के दावे पर विश्वास नहीं करते.”

यह विचार उनके मेनू में स्पष्ट दिखता है, जहां छोले (chickpeas) और किण्वित चाय की पत्तियों (lahpet) का उपयोग होता है. आज के दौर में लोग इन्हें वीगन या हेल्थ ट्रेंड मान सकते हैं, लेकिन वास्तव में ये बर्मी खाद्य संस्कृति में भोजन को संरक्षित करने की सदियों पुरानी विधि है. यह प्रकृति का एक ऐसा उपहार है जो बिना किसी कृत्रिम मसाले के भोजन को अनूठा स्वाद देता है.

“हम चाहते हैं कि लोग महसूस करें कि यहाँ रहने वाले बर्मी लोग हमारी ही संस्कृति का हिस्सा हैं,” नामतान कहती हैं. “&Then” के लिए, खाना बनाना अतीत को याद करना नहीं, बल्कि इतिहास को आज के जीवन में “संवाद और संचार” का जरिया बनाना है.

“भोजन एक आवाज़ बन सकता है... हम दोस्ती के माध्यम से इन कहानियों को बताना चाहते हैं. हम यह दिखाना चाहते हैं कि चियांग माई वह जगह है जहां प्रवासी एक साथ आए, और यह सही है कि उन्होंने यहाँ अपना नया जीवन बनाया.”

यहाँ इतिहास किताबों में नहीं, बल्कि मेज पर परोसा जाता है, ताकि लोग उसे चख सकें, साझा कर सकें और समझ सकें.

यह भी पढ़ें: 1921 हाउस, अनंतरा चियांग माई रिज़ॉर्ट में लान्นา के शाही स्वाद का अनुभव

อาหารทำหน้าที่เป็นเสียงได้... เราอยากสื่อสารเรื่องราวเหล่านี้ผ่านอาหาร เราอยากพรีเซนต์ว่าเชียงใหม่คือพื้นที่ที่คนอพยพมาอยู่รวมกัน - น้ำตาล ภัทรานิษฐ์ ศรีจันทร์ดร

न्यू वर्ल्ड वाइन से ‘सातो’ और ‘साके’ तक का सफर

शुरुआत में, “&Then” एक नेचुरल वाइन बार के रूप में जाना जाता था, जो विश्वसनीय उत्पादकों से ऑर्गेनिक और बायो-डायनामिक वाइन मंगवाता था.

“हम ऑर्गेनिक और नेचुरल वाइन पर ध्यान केंद्रित करते हैं क्योंकि यह पीने में आरामदायक है और हमारे भोजन के साथ अच्छी तरह मेल खाती है,” नामतान बताती हैं. “नेचुरल वाइन वह है जिसे आप बिना किसी हैंगओवर की चिंता किए हर दिन पी सकते हैं.”

लेकिन जैसे-जैसे रेस्तरां बड़ा हुआ, सवाल “कौन सी वाइन अच्छी है” से बदलकर “यहाँ का असली पेय क्या है” पर आ गया. इस सवाल ने उन्हें स्थानीय स्पिरिट्स (Local Spirits) की दुनिया में कदम रखने के लिए प्रेरित किया. यह किसी ट्रेंड का पीछा करना नहीं था, बल्कि स्थानीय पेय पदार्थों और छोटे उत्पादकों के महत्व को समझने की कोशिश थी, विशेष रूप से ‘सातो’ (Rice Wine) जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

“हम एक अंकल से मिले जो ऑर्गेनिक चावल उगाते हैं. उन्होंने हमें अपना बना सातो चखाया. उसे पीते ही लगा, वाह! यह इतना बेहतरीन है कि इसे बेचना चाहिए,” नामतान उत्साह से बताती हैं. “स्थानीय लोग इसे केवल देसी शराब मान सकते हैं, लेकिन हम इसका मूल्य बढ़ाना चाहते थे. हम अपने मेनू में लोकल स्पिरिट को शामिल करना चाहते थे.”

इस अनुभव ने रेस्तरां को महंगी आयातित वाइन की जगह स्थानीय सातो (Sato) को देने और स्थानीय सप्लाई चेन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इसकी पैकेजिंग को नया रूप दिया ताकि यह दिखाया जा सके कि ये स्थानीय पेय किसी भी महंगी शैम्पेन से कम नहीं हैं.

मसालेदार और तेल वाले व्यंजनों के साथ चावल से बने इन किण्वित पेय का मेल आश्चर्यजनक परिणाम देता है. सातो की मिठास और उसमें मौजूद अम्लता (acidity) जीभ से तेल को साफ करने और मसालों के स्वाद को उभारने में मदद करती है. सातो को चुनना सिर्फ एक पेय का चुनाव नहीं है, बल्कि स्थानीय उत्पादकों के साथ खड़े होने का फैसला है.

“हम चाहते हैं कि ग्राहक यहाँ आएं और बस आनंद लें,” शेफ ट्रिश कहती हैं. “बिल्कुल आरामदायक. जैसे कि आप अपने घर पर हों.”

คนท้องถิ่นอาจมองว่าเป็นแค่ของพื้นบ้าน แต่เราอยากเพิ่มมูลค่าให้มัน เราอยากมี local spirit อยู่ในรายการเครื่องดื่ม - น้ำตาล ภัทรานิษฐ์ ศรีจันทร์ดร

चियांग माई: यथार्थ और स्थिरता की एक नई दृष्टि

चियांग माई की छवि अक्सर ‘स्लो लाइफ’, प्रकृति के बीच बने कैफे और ठंडे मौसम से जुड़ी होती है. लेकिन यहाँ रहने वाले लोगों के लिए हकीकत इससे कहीं अधिक जटिल होती जा रही है.

“मुझे चियांग माई का रोमांटिक चित्रण ज्यादा पसंद नहीं है,” नामतान स्पष्ट रूप से कहती हैं. “यह शहर इतना भी रोमांटिक नहीं है. बस यहाँ का वातावरण अच्छा है, जिससे लोगों का जीवन स्तर थोड़ा बेहतर हो जाता है.”

आज जब पीएम 2.5 (PM 2.5) प्रदूषण, मौसमी बाढ़ और बढ़ती महंगाई जैसी समस्याएं आम हो गई हैं, तो केवल एक सुंदर छवि के सहारे चियांग माई में रहना या व्यवसाय चलाना संभव नहीं है.

“हम नहीं चाहते कि लोग चियांग माई को सिर्फ इसलिए पसंद करें क्योंकि यह सोशल मीडिया पर सुंदर या ‘स्लो’ दिखता है. असल दुनिया में यहाँ धूल है, बाढ़ है और अर्थव्यवस्था नाजुक है,” नामतान बताती हैं. रेस्तरां ने किसी ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय एक नैतिक निर्णय लिया है कि वे स्थानीय समुदाय के दैनिक जीवन का हिस्सा बनेंगे, न कि केवल विशेष अवसरों के लिए.

“हम यहाँ के वास्तविक निवासियों की सेवा करना चाहते हैं. हम चाहते हैं कि उन्हें उचित दाम पर अच्छा भोजन मिले, ताकि हमें केवल पर्यटकों की क्रय शक्ति पर निर्भर न रहना पड़े,” नामतान ने समझाया.

&Then... भविष्य की ओर

जब “&Then” के अगले कदम के बारे में पूछा गया, तो उत्तर दिलचस्प था. उनका ध्यान नई शाखाएं खोलने पर नहीं, बल्कि उस स्वतंत्रता पर है जो उन्हें शहर और दुनिया की स्थितियों के अनुसार ढलने की अनुमति देती है.

“हम खुद को सीमित नहीं करना चाहते कि हम हमेशा एक रेस्तरां या वाइन बार ही रहेंगे. हो सकता है कि कल यह जगह एक वर्कशॉप बन जाए, एंथ्रोपोलॉजी की क्लास हो, या जीने के नए तरीकों का प्रयोग करने वाली जगह,” नामतान भविष्य की योजनाओं के बारे में कहती हैं. वे “&Then” को सामुदायिक परियोजनाओं और ‘पा-यू’ (Payu) जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज़ बनाना चाहती हैं. उनका मॉडल प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग पर आधारित है — स्थानीय शेफ, किसानों और रचनाकारों के साथ मिलकर एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना जो एक-दूसरे पर निर्भर हो.

“हम सिर्फ मुनाफे को नहीं, बल्कि स्थिरता (Sustainability) को देख रहे हैं,” नामतान जोर देती हैं.

เราต้องการเสิร์ฟคนที่อยู่ที่นี่จริงๆ ให้เขามีคุณภาพชีวิตที่ดี ได้รับประทานอาหารดีๆ ในราคาที่จ่ายได้ในชีวิตประจำวัน โดยไม่ต้องรอกำลังซื้อจากนักท่องเที่ยวเพียงอย่างเดียว - น้ำตาล ภัทรานิษฐ์ ศรีจันทร์ดร