जब AI पल भर में कलाकृतियां बना सकता है, तो क्या शास्त्रीय संगीत जैसे कठिन विषयों का कोई अर्थ शेष है? สมเถา สุจริตกุล के लिए, यह अस्तित्व का नहीं, बल्कि परिवर्तन और “สมเถา” की अनूठी मानवीय आवाज़ खोजने का प्रश्न है।
สมเถา สุจริตกุล (S.P. Somtow), एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जो एक कुशल ‘साइंस-फिक्शन/फैंटेसी लेखक’ के साथ-साथ दुनिया के प्रतिष्ठित वर्ल्ड फैंटेसी अवार्ड विजेता भी हैं। दशकों से अपनी कल्पना के माध्यम से भविष्य को देखने वाले, वह अब ओपेरा स्याम (Opera Siam) के कलात्मक निर्देशक के रूप में शास्त्रीय संगीत की अमर सुंदरता को संरक्षित कर रहे हैं। इस साक्षात्कार में, हम भविष्य की तकनीक और मानवता के आध्यात्मिक मूल के बीच के सेतु की खोज कर रहे हैं। “AI संगीत सिद्धांतों के आधार पर पांच सेकंड में पूर्ण सिम्फनी तैयार कर सकता है, लेकिन वह यह नहीं जानता कि दो स्वरों के बीच का सन्नाटा कितना दर्दनाक होता है। यही वह ‘हस्ताक्षर’ है जिसे केवल इंसान ही बना सकता है।” - สมเถา

Above สมเถา का मानना है कि कोई भी कलाकार शून्य से शुरुआत नहीं करता, लेकिन केवल कुछ ही लोग नकल से आगे बढ़कर अपनी आवाज़ खोजने में सक्षम होते हैं। (फोटो: Nat Prakobsantisuk)
अपूर्णता का पूर्णता की ओर सफर
विज्ञान-फाई लेखक के रूप में, สมเถา ने भविष्य को बहुत करीब से महसूस किया है। उनका कहना है कि आज का AI भविष्य की उम्मीदों से भी तेज़ विकसित हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह AI द्वारा संगीत बनाने से डरते हैं, तो उनका जवाब स्पष्ट था: “बिल्कुल नहीं। AI केवल डेटा का संकलन करता है, उसके पास अतीत, दर्द या आस्था नहीं है। यह केवल इंटरनेट पर मौजूद मानवीय भावनाओं की प्रतिध्वनि है।”
वह स्पष्ट करते हैं कि शास्त्रीय संगीत में वास्तविक सुंदरता ‘खूबसूरत कमियों’ (beautiful imperfections) में है। एक कलाकार का हर स्वर, हर सांस और उंगलियों की हर हरकत मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है जो श्रोताओं के मन को गहराई से छू लेती है। यही वह तत्व है जो ‘สมเถา’ के कार्यों को किसी भी एल्गोरिदम से अलग बनाता है।
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Above 1982 में Locus अवार्ड विजेता, ‘Starship & Haiku’ का केंद्र जापान है, जो जैव-युद्ध और परमाणु आपदा के बाद की दुनिया को चित्रित करता है।

Above ‘Mallworld’ (1984) एक व्यंग्यात्मक विज्ञान-फाई रचना है, जो उपभोगवादी संस्कृति के बीच अंतरिक्ष के एक विशाल मॉल में रहने वाले मनुष्यों की कहानी कहती है।
वह आस्था जिसकी नकल असंभव है
शास्त्रीय संगीत की दुनिया में ‘สมเถา’ का सबसे बड़ा योगदान उनका विशाल ओपेरा प्रोजेक्ट ‘थोसचत’ (Dasjati) है, जो भगवान बुद्ध के दस जन्मों की गाथा पर आधारित है।
यह प्रोजेक्ट साबित करता है कि उच्च कला का क्या महत्व है। “अगर आप AI को थोसचत ओपेरा लिखने को कहें, तो वह केवल संगीत की संरचना जोड़ सकता है, लेकिन वह ‘पारमी’ (गुणों के पूर्णता) के अर्थ को नहीं समझेगा। पिछले 20 वर्षों का मेरा व्यक्तिगत संघर्ष और साधना ही इस ओपेरा की सच्ची पूंजी है।” สมเถา की यह यात्रा आस्था और धैर्य का एक बेमिसाल उदाहरण है।
สมเถา कहते हैं कि थोसचत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति है। यह बौद्ध दर्शन को सार्वभौमिक भाषा (संगीत) के माध्यम से दुनिया के सामने पेश करने का एक जरिया है। “थोसचत साबित करता है कि थाई संस्कृति वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है, बशर्ते इसे सही दृष्टि (artistic vision) से पेश किया जाए।”
अपनी आवाज़ को पहचानें
पूरे साक्षात्कार के दौरान, สมเถา ने ‘आवाज़’ (voice) पर ज़ोर दिया। उनका मानना है कि हर कलाकार नकल से शुरुआत करता है, लेकिन अपनी आवाज़ खोजना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। AI दोहराव कर सकता है, लेकिन कला में नया दृष्टिकोण लाना केवल इंसानों के वश में है। “जो अपनी आवाज़ खोज लेते हैं, वही इतिहास बदलते हैं।”

Above สมเถา शास्त्रीय संगीत के माध्यम से लगातार अपनी नई कृतियों की रचना में व्यस्त रहते हैं। (फोटो: Nat Prakobsantisuk)
अंत में, สมเถา इस बात से सहमत नहीं हैं कि शास्त्रीय संगीत अपनी लोकप्रियता खो रहा है। उनका कहना है कि फिल्मों और गेम में आज भी इसी संगीत की जड़ें मौजूद हैं। संगीत नहीं बदला है, बस उसे सुनने का माध्यम बदल गया है।
अगली पीढ़ी को तैयार करना
สมเถา के लिए अगली पीढ़ी को तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है। “आज के डिजिटल दौर में बच्चों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन असंभव नहीं। हमें उनके साथ उनकी भाषा में बात करनी होगी और उन्हें संगीत के पीछे छिपी ‘कहानी’ सिखानी होगी। जब वे संगीत का अर्थ समझेंगे, तो उनका जुनून स्वतः जागृत हो जाएगा।”

Above युवा प्रतिभाओं को शास्त्रीय संगीत सिखाते हुए สมเถา का मार्गदर्शन (फोटो: Somtow Sucharitkul)
उन्होंने कहा कि थाईलैंड में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने की ज़रूरत है जहाँ कलाकार अपना पेशा सुरक्षित महसूस करें। “हमारे पास प्रतिभाशाली बच्चे हैं, लेकिन उन्हें करियर की स्थिरता चाहिए। हमें कलाकारों के साथ-साथ श्रोताओं की अगली पीढ़ी भी तैयार करनी होगी।”
भविष्य का संग्रहण
भविष्य के लिए สมเถา तकनीक को नहीं, बल्कि अपने साथ जोड़ना चाहते हैं। “ब्लॉकचेन और वेब3 के माध्यम से, मैं अपने काम की प्रमाणिकता (authenticity) और विरासत को सुरक्षित करना चाहता हूँ। यह तकनीक मेरा दुश्मन नहीं, बल्कि एक सेतु है।”
สมเถา की दृष्टि में, भविष्य में AI का उपयोग संगीत और मंच की सज्जा के लिए एक मददगार की तरह किया जा सकता है। उनका सपना है कि उनका प्रोजेक्ट ‘ओपेरा स्याम’ उनके नाम के बिना भी आगे बढ़ता रहे।
अपरिवर्तनीय आत्मा
साक्षात्कार के अंत में สมเถา पूरे जोश के साथ अगली रिहर्सल की ओर बढ़ गए। यह स्पष्ट है कि समय और तकनीक उनकी राह नहीं रोक सकते। मनुष्य जब तक दर्द, प्यार और आस्था की तलाश में है, तब तक शास्त्रीय संगीत जीवित रहेगा। यह वह मानवीय संगीत है जिसे दुनिया का कोई भी एल्गोरिदम कभी नहीं बदल पाएगा।
तकनीक शास्त्रीय संगीत की दुश्मन नहीं है, जब तक हम इसे एक पुल की तरह इस्तेमाल करें, न कि अपने व्यक्तित्व को प्रतिस्थापित करने के लिए।














