श्मा (Shma) के योसापोन बूनसोम (Yossapon Boonsom) से विशेष बातचीत: जानिए कैसे ‘लक्ज़री ग्रीन स्पेस’ दीर्घायु और स्वस्थ शहरी जीवन की कुंजी बन रहा है.
बैंकॉक (Bangkok) एक ऐसा महानगर है जहाँ निरंतर बदलाव देखने को मिलता है. यहाँ हर रोज़ नई इमारतें और परियोजनाएं आकार ले रही हैं. कंक्रीट की इन गगनचुंबी इमारतों के बीच, बढ़ता तापमान और मानसिक तनाव अब शहर की आम बीमारी बन चुके हैं. ऐसे में विलासिता या “लक्ज़री” का अर्थ केवल महंगी सामग्री या भव्य वास्तुकला तक सीमित नहीं रह गया है. अब इस शब्द की परिभाषा उस सादगी की ओर मुड़ रही है जो जीवन के लिए सबसे आवश्यक है — यानी “समय” और “स्वास्थ्य”.
“शहर के विस्तार को रोकना हमारे लिए कठिन है, लेकिन हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर नया विकास शहर को वापस स्वस्थ करने में मदद करे,” योसापोन बूनसोम (Yossapon Boonsom) कहते हैं. वह एक जाने-माने लैंडस्केप आर्किटेक्ट हैं और श्मा (Shma) के सह-संस्थापक भी हैं. यही सवाल उनके हर प्रोजेक्ट का मूल आधार है. डेटा संचालित सार्वजनिक स्थानों से लेकर अल्ट्रा-लक्ज़री परियोजनाओं तक, उनका डिज़ाइन विश्राम और आवासीय अनुभव को दीर्घायु जीवन की रणनीति में बदल देता है.

Above योसापोन बूनसोम (Yossapon Boonsom), जो एक प्रसिद्ध लैंडस्केप आर्किटेक्ट और श्मा (Shma) के सह-संस्थापक हैं. (चित्र: Worapon Teerawatvijit)
कंपनी का नाम “श्मा” (Shma) संस्कृत शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “पृथ्वी” या ज़मीन. यह सभी जीवित प्राणियों और लैंडस्केप वास्तुकला की सबसे महत्वपूर्ण नींव है. योसापोन और श्मा (Shma) की टीम के लिए, ज़मीन का अर्थ केवल खेती करने वाली मिट्टी नहीं है. उनके लिए यह वह “आधार” है जिसे वे शहर और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक प्रयोग के रूप में इस्तेमाल करते हैं.
Tatler ने योसापोन से श्मा (Shma) लैब के पर्दे के पीछे के काम के बारे में विस्तार से बातचीत की. यह लैब सुंदर डिज़ाइनों को जीवन के बुनियादी ढांचे में बदलने के लिए डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करती है. उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य के शहरों में हरित स्थान कैसे दिखने चाहिए और क्यों स्थिरता अब विलासिता का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है.

Above कंपनी का नाम “श्मा” (Shma) संस्कृत शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ “पृथ्वी” है, जो लैंडस्केप वास्तुकला का मुख्य आधार है. (चित्र: Worapon Teerawatvijit)
अर्बन मेडिसिन: जब श्मा (Shma) के हरित स्थान ‘दीर्घायु जीवन’ का बुनियादी ढांचा बन जाते हैं
योसापोन का दृढ़ विश्वास है कि लैंडस्केप केवल किसी इमारत की “पृष्ठभूमि” नहीं है. यह एक ऐसा बुनियादी ढांचा है जो सीधे तौर पर लोगों की सांसों और उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. वह ऊंची इमारतों और कंक्रीट की सड़कों वाले बड़े शहरों की तुलना एक ऐसे मरीज़ से करते हैं जो कई बीमारियों से जूझ रहा है. शहरी हीट आइलैंड (urban heat island) के प्रभाव से लेकर धुएं, प्रदूषण और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले तनाव तक, शहर कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
“यह सच है कि शहर हमें बीमार बना रहे हैं. शहरी जीवनशैली के कारण हृदय रोग, रक्तचाप या लगातार थकान जैसी कई बीमारियां पैदा हो रही हैं, जिससे हम कभी तरोताज़ा महसूस नहीं करते,” योसापोन बताते हैं. “अगर शहर हमें बीमार कर सकते हैं, तो बेहतर डिज़ाइन के माध्यम से वे हमें स्वस्थ और दीर्घायु बनाने में भी मदद कर सकते हैं. इसलिए मुख्य सवाल यह है कि हम इन शहरों की मरम्मत के लिए किस तरह की ‘औषधि’ का उपयोग करें ताकि वे हमारी ऊर्जा का स्रोत बन सकें.”

Above योसापोन बूनसोम, श्मा (Shma) के सह-संस्थापक और दूरदर्शी लैंडस्केप आर्किटेक्ट. (चित्र: Worapon Teerawatvijit)
इस अवधारणा को पूरी तरह से दर्शाने वाला एक प्रमुख प्रोजेक्ट ‘जिन वेलबीइंग काउंटी’ (Jin Wellbeing County) है. थोनबुरी हॉस्पिटल ग्रुप द्वारा विकसित, यह थाईलैंड का पहला वेलनेस मिक्स्ड-यूज़ (wellness mixed-use) आवासीय प्रोजेक्ट है. इसे हर उम्र के लोगों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है. विशेषकर सेवानिवृत्त लोगों के लिए, ताकि वे हरित स्थानों के बीच 24 घंटे स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के साथ स्वतंत्र रूप से रह सकें. श्मा (Shma) ने इमारतों के चारों ओर केवल पेड़ ही नहीं लगाए हैं. उन्होंने ‘थेरेप्यूटिक गार्डन’ (चिकित्सीय उद्यान) के सिद्धांतों का उपयोग किया है, जिन्हें पांचों इंद्रियों को जागृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है — फूलों की सुगंध और पौधों के स्पर्श से लेकर पानी की कल-कल ध्वनि तक.
सौंदर्यशास्त्र के अतिरिक्त, इस परियोजना का लैंडस्केप डिज़ाइन बुजुर्गों की हर आवश्यकता को पूरा करने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है. यह “द सेवन डायमेंशन्स ऑफ वेलनेस” (The Seven Dimensions of Wellness) के सिद्धांतों पर आधारित है. इसमें घुटनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विशेष पैदल मार्ग शामिल हैं, और ऐसे गतिविधि क्षेत्र बनाए गए हैं जो सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देते हैं, ताकि दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके.
श्मा (Shma) का डिज़ाइन केवल आवासीय परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्थानों तक भी फैला हुआ है. इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण ‘लॉन्ग वॉक’ (Long Walk) है. यह चाओ फ्राया नदी के किनारे एक छोटा हरा-भरा पार्क क्षेत्र है, जो ऐतिहासिक पोस्ट ऑफिस भवन के ठीक सामने स्थित है. यह सोंग वात (Song Wat), फरा पोक क्लाओ (Phra Pok Klao) पार्क और पाक ख्लोंग तलत (Pak Khlong Talat) को आपस में जोड़ता है. यह स्वास्थ्य उद्यान एक ‘लिविंग लैब’ (living lab) की तरह है. इसका उद्देश्य शहरवासियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिशों के अनुसार दिन में कम से कम 30 मिनट टहलने के लिए प्रेरित करना है.
“हमने ‘चलने के 20 तरीके’ (20 ways of walking) डिज़ाइन किए हैं. इनमें शांति के लिए माइंडफुल वॉक से लेकर रचनात्मक विचारों को बढ़ावा देने के लिए क्रिएटिव वॉक शामिल हैं. क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्तर पर भी खुशी लाता है,” योसापोन कहते हैं.
चूंकि ‘दीर्घायु’ अब लक्ज़री आवासीय विकास का मुख्य केंद्र बन गई है, इसलिए श्मा (Shma) ने शहरों के लिए “मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन” (medical prescription) तैयार करने में एक बड़ी भूमिका निभाई है. वे यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके द्वारा बनाया गया हर स्थान एक ऐसी कड़ी बने जो शहरवासियों के लिए एक स्थायी और गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित कर सके.

Above योसापोन बूनसोम, जो श्मा (Shma) के सह-संस्थापक और विज़नरी लैंडस्केप आर्किटेक्ट हैं. (चित्र: Worapon Teerawatvijit)
अगर शहर हमें बीमार कर सकते हैं, तो हमें ऐसे शहर डिजाइन करने में भी सक्षम होना चाहिए जो हमें लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करें। - योसापोल बूनसोम
डिज़ाइन का विज्ञान: श्मा (Shma) लैब और विज्ञान द्वारा प्रमाणित डिज़ाइन्स
श्मा (Shma) के लिए, सुंदरता केवल वह नहीं है जो आंखों को दिखाई देती है, बल्कि वह है जिसे स्पष्ट रूप से समझाया जा सके. यही सोच श्मा (Shma) लैब का आधार है. यह अनुसंधान और डेटा विश्लेषण विभाग है जो टीम के मस्तिष्क के रूप में कार्य करता है. यह लैब सुनिश्चित करती है कि डेटा और विश्लेषण के माध्यम से ऐसे डिज़ाइन्स तैयार किए जाएं जो केवल कार्यात्मक और सौंदर्यपूर्ण ही न हों, बल्कि उससे कहीं बढ़कर उपयोगी हों.
“इस प्रक्रिया में हम प्राकृतिक चरों, जैसे धूप, प्रकाश और हवा से लेकर मानव व्यवहार के अध्ययन तक हर चीज़ को शामिल करते हैं,” योसापोन बताते हैं. वह आगे कहते हैं कि हवा की दिशा या क्षेत्र में गर्मी के संचय का अनुकरण करने के लिए कम्प्यूटेशनल टूल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.

Above श्मा (Shma) के संस्थापक योसापोन बूनसोम, प्रपन नापावोंगडी, नामचाई सैनसुपा और श्मा लैब की टीम. (चित्र: Shma)
“हम अपने ग्राहकों को ठोस सबूत या प्रमाण (proof point) देना चाहते हैं. हम उन्हें बता सकते हैं कि प्रत्येक विकल्प तापमान को कितने डिग्री कम करेगा या कोई विशिष्ट सामग्री माइक्रोकलाइमेट (microclimate) को कैसे प्रभावित करेगी. यह एक अनुसंधान-आधारित (research-based) डिज़ाइन प्रक्रिया है, जिसमें वैज्ञानिक रूप से सिद्ध और विश्लेषित डेटा का समावेश होता है.”
माइक्रोकलाइमेट का अर्थ एक छोटे से क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु स्थिति से है, जो आसपास के वातावरण से स्पष्ट रूप से भिन्न होती है. उदाहरण के लिए, बगीचे में एक पेड़ की छाया के नीचे का तापमान कम और आर्द्रता अधिक होती है, जबकि कुछ ही मीटर दूर कंक्रीट की सड़क का तापमान काफी अधिक होता है. एक सटीक डिज़ाइन वास्तव में ‘थर्मल कम्फर्ट’ (thermal comfort) यानी शारीरिक आराम की स्थिति पैदा करने में मदद कर सकता है.

Above श्मा (Shma) के सह-संस्थापक और लैंडस्केप आर्किटेक्ट योसापोन बूनसोम. (चित्र: Worapon Teerawatvijit)
भौतिक सटीकता के अलावा, श्मा (Shma) ने ‘श्मा सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स’ (Shma Sustainability Index) के साथ एक नया मानक भी स्थापित किया है. यह पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित एक स्थिरता मूल्यांकन ढांचा है, जिसे LEED और WELL जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों से लिया गया है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य, जैव विविधता, जल प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी से लेकर पर्यावरण के अनुकूल सामग्री के चयन और निर्माण प्रक्रिया में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने तक का आकलन करना है.
निश्चित रूप से, इस युग में जहां तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, श्मा (Shma) ने भी खुद को तेज़ी से ढाला है. वे विशाल डेटा का विश्लेषण और अनुकरण करने में सटीकता बढ़ाने के लिए AI सहित कई डिजिटल उपकरणों का “सहायक” के रूप में उपयोग कर रहे हैं. हालांकि, इन स्मार्ट एल्गोरिदम के बावजूद, योसापोन अभी भी प्रत्येक डिज़ाइन में मानव अंतर्ज्ञान और निर्णय पर पूरा विश्वास रखते हैं.
“डिज़ाइनरों के पास एक विशेष नज़रिया और सोच होती है जो AI के पास नहीं है. हमें अभी भी एक सेतु या मध्यस्थ के रूप में कार्य करना है — एक ऐसा श्रोता जो लोगों की बात सुनता है, प्रकृति को समझता है, AI का विश्लेषण करता है और फिर बेहतरीन परिणाम प्रस्तुत करता है.”
द न्यू लक्ज़री: बैंकॉक से वैश्विक मंच तक ‘सैंक्चुअरी’ की श्मा (Shma) द्वारा नई परिभाषा
जब हम श्मा (Shma) द्वारा डिज़ाइन किए गए द रेजिडेंसेस 38 (The Residences 38) या द स्टैंडर्ड हुआ हिन (The Standard Hua Hin) जैसी अल्ट्रा-लक्ज़री परियोजनाओं के बारे में बात करते हैं, तो श्मा (Shma) के लिए लक्ज़री का अर्थ महंगी सामग्रियों से सजी जगह नहीं है. उनके लिए यह “क्यूरेटेड एक्सपीरियंस” (curated experience) है. यह एक ऐसा चुनिंदा अनुभव है जो शहरी जीवन की भागदौड़ में अत्यंत दुर्लभ शांति प्रदान करता है.
“लक्ज़री वास्तव में एक सोच-समझकर तैयार किया गया अनुभव है. यह अचानक नहीं हो जाता. हर चीज़ की योजना बनानी पड़ती है कि आप कहाँ चलेंगे, आप सबसे पहले क्या देखेंगे. यह एक ऐसा मार्ग है जिसे विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाता है,” योसापोन बताते हैं. वह होटलों के डिज़ाइन (जो पहली नज़र में प्रभावित करने या wow factor पर केंद्रित होते हैं) और घरों के डिज़ाइन (जो दीर्घकालिक आराम पर केंद्रित होते हैं) के बीच का अंतर स्पष्ट करते हैं.
द स्टैंडर्ड हुआ हिन में, लैंडस्केप डिज़ाइन ही वह मुख्य आकर्षण है जो पूरे स्थान का पैमाना तय करता है. इसके पीछे एक प्रमुख उद्देश्य आर्किटेक्ट्स के साथ मिलकर काम करना था ताकि अधिक से अधिक मूल पेड़ों को बचाया जा सके. इस प्रकार, यह हरित स्थान एक प्राकृतिक मूर्तिकला बन गया है जो एक साथ गोपनीयता और सौंदर्य दोनों प्रदान करता है. दूसरी ओर, सुखुमवित (Sukhumvit) के केंद्र में स्थित लक्ज़री प्रोजेक्ट द रेजिडेंसेस 38 के लिए, श्मा (Shma) ने एक ऐसा ओएसिस डिज़ाइन किया जो बाहर के शोर और अराजकता को कम करता है. यह बैंकॉक के बीचों-बीच निवासियों को शांतिपूर्ण फ्रेंच ‘आर्ट डी विवर’ (Art de Vivre) शैली की जीवनशैली का अनुभव कराता है.

Above द रेजिडेंसेस 38, एक अल्ट्रा-लक्ज़री प्रोजेक्ट है जिसके शानदार हरित स्थानों को श्मा (Shma) ने डिज़ाइन किया है.
डिज़ाइन का यह सिद्धांत श्मा (Shma) की कई अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भी झलकता है. अमेरिका के मियामी में ‘द रेजिडेंसेस एट मैंडरिन ओरिएंटल’ (The Residences at Mandarin Oriental) प्रोजेक्ट में, श्मा (Shma) ने द्वीप की भावना (island spirit) को एक नया रूप दिया है. स्थानीय पौधों और सूक्ष्म हस्तशिल्प के माध्यम से, उन्होंने एक उष्णकटिबंधीय उद्यान (botanical garden) का वातावरण बनाया है जो शानदार होने के साथ-साथ सुलभ भी है. इसी तरह सिंगापुर में ‘मोंड्रियन सिंगापुर डक्सटन’ (Mondrian Singapore Duxton) प्रोजेक्ट में श्मा (Shma) ने आधुनिक परिदृश्य को सिंगापुर के चाइनाटाउन के ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ा है. उन्होंने भूतल को एक सार्वजनिक पैदल मार्ग के रूप में डिज़ाइन किया, ताकि भीड़भाड़ कम हो सके. साथ ही, इसमें विश्व स्तरीय मूर्तियां और ‘फोलिएज गैलरी’ (Foliage Gallery) की अवधारणा को शामिल किया गया है, जो अतीत के बगीचों की यादों को ताज़ा करती है.
दिलचस्प बात यह है कि श्मा (Shma) लक्ज़री को केवल एक निजी स्थान के रूप में नहीं देखते हैं. वे “व्यक्तिगत आराम” (private luxury) को “सार्वजनिक जिम्मेदारी” (public good) से जोड़ने का प्रयास करते हैं. उदाहरण के लिए, ग्रीन वॉल (green wall) या हरित इमारतों का डिज़ाइन न केवल निवासियों के लिए एक अच्छा वातावरण बनाता है, बल्कि यह गर्मी को सड़कों और पड़ोस में फैलने से भी रोकता है.
“हमारे लिए मुख्य चुनौती यह है कि डेवलपर्स के निवेश से शहर को भी लाभ हो... हम नहीं चाहते कि निजी जीवन और सार्वजनिक जीवन पूरी तरह से अलग हों. हम चाहते हैं कि लैंडस्केप वास्तुकला एक पुल के रूप में कार्य करे जो इन सभी कड़ियों को एक साथ जोड़े,” योसापोन स्पष्ट करते हैं.

Above अमेरिका के मियामी में ‘द रेजिडेंसेस एट मैंडरिन ओरिएंटल’ प्रोजेक्ट, जहां श्मा (Shma) ने स्थानीय पौधों का उपयोग करके ‘आइलैंड स्पिरिट’ को नई पहचान दी है. (चित्र: Shma)

Above सिंगापुर में ‘मोंड्रियन सिंगापुर डक्सटन’ प्रोजेक्ट, जहां श्मा (Shma) ने आधुनिक परिदृश्य को चाइनाटाउन की ऐतिहासिक विरासत से खूबसूरती से जोड़ा है. (चित्र: Shma)
प्लेसमेकिंग: केवल खाली स्थान नहीं, बल्कि श्मा (Shma) के साथ ‘साझा यादों’ का निर्माण
श्मा (Shma) के लिए, स्थिरता का अर्थ केवल स्वस्थ पेड़ लगाना या जल प्रबंधन प्रणाली स्थापित करना नहीं है. इसका असली अर्थ सामाजिक स्थिरता (social sustainability) है, जिसे प्लेसमेकिंग (placemaking) कहा जाता है. यह “खाली स्थानों” को “सार्थक स्थानों” में बदलने की एक प्रक्रिया है, जिसमें समुदाय के लोगों को पहले कदम से ही शामिल किया जाता है.
‘वी!पार्क’ (we!park) प्रोजेक्ट इसका एक स्पष्ट प्रमाण है. इस परियोजना के तहत श्मा (Shma) ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास किया और पूरे शहर के बंजर स्थानों को छोटे पार्कों (pocket parks) में बदल दिया.
“हमने अपने मिशन के रूप में एक ऐसी कंपनी बनाई है जो न केवल अपनी विशेषज्ञता पर काम करती है, बल्कि एक ऐसा मंच प्रदान करती है जहां हर कोई अपने संसाधन साझा कर सकता है,” योसापोन को-क्रिएशन (co-creation) के महत्व पर ज़ोर देते हैं. यह दृष्टिकोण डिज़ाइनर की भूमिका को एक “निर्माता” से बदलकर एक “सुविधाकर्ता” (facilitator) बना देता है.

Above we!park प्रोजेक्ट, जिसे श्मा (Shma) द्वारा उत्कृष्ट रूप से डिज़ाइन किया गया है. (चित्र: we!park)
“सहभागिता की यह प्रक्रिया अपनापन (sense of belonging) लाती है. यह हमें महसूस कराती है कि हम उस समुदाय का एक अभिन्न अंग हैं... इस तरह की डिज़ाइन प्रक्रिया केवल भौतिक सुंदरता से परे जाकर लोगों की वास्तविक भावनाओं से जुड़ती है.”
इसका परिणाम “द थर्ड प्लेस स्पेस” (The Third Place Space) के रूप में सामने आता है. यह न तो घर है और न ही कार्यालय, बल्कि एक ऐसा मध्यवर्ती स्थान है जहां कला, प्रकृति और लोग एक साथ मिलते हैं. इसे वॉकिंग मीटिंग्स (walking meetings) के लिए या संगीत कार्यक्रमों के आयोजन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ये तत्व सार्वजनिक स्थानों में जान डालते हैं और उनकी आत्मा को जगाते हैं, जो पड़ोस और शहर दोनों स्तरों पर खुशी का मूलभूत आधार है.
बेहतर भविष्य का आह्वान: श्मा (Shma) का विज़न जिसे आज ही शुरू करना होगा
आने वाले 10 वर्षों को देखते हुए, योसापोन का मानना है कि बैंकॉक और अन्य आसियान (ASEAN) शहर कई बड़ी चुनौतियों का सामना करेंगे. इनमें बढ़ता जलवायु संकट और तेज़ी से बदलती जनसांख्यिकीय संरचना शामिल है. इसलिए भविष्य के लैंडस्केप आर्किटेक्ट केवल उद्यान डिज़ाइन करने वाले नहीं होंगे, बल्कि वे ऐसे मध्यस्थ होंगे जो इन चुनौतियों से निपटने के लिए हर टुकड़े को एक साथ जोड़ेंगे.
अंत में, वह सभी क्षेत्रों से सहयोग और साहसिक कदम उठाने की अपील करते हैं. सार्वजनिक क्षेत्र को नियमों को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है, जबकि निजी क्षेत्र को केवल अल्पकालिक लाभ से परे देखने की ज़रूरत है. इन प्रयासों से ही शहरी विकास के नए मानदंड स्थापित हो सकेंगे जो हमारी पृथ्वी और साथी मनुष्यों के प्रति अधिक जिम्मेदार हों.

Above सुअन सान पॉकेट पार्क (Suan San pocket park), जो श्मा (Shma) द्वारा डिज़ाइन किए गए अद्भुत सामुदायिक पार्कों में से एक है. (चित्र: Shma)
“मुझे लगता है कि हमने बहुत कुछ सीख लिया है. अब काम करने का समय आ गया है. इसके लिए साहस और दृढ़ निर्णय की आवश्यकता है... क्योंकि जो शहर बच्चों और बुजुर्गों के लिए अच्छा है, वह केवल चलने योग्य होने तक सीमित नहीं हो सकता. हमें यह सोचना होगा कि आने वाली पीढ़ियों को किस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता होगी.”
यदि “लक्ज़री” का अर्थ रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उच्च गुणवत्ता का अनुभव करना है, तो श्मा (Shma) ने यह साबित कर दिया है कि हरित स्थानों और स्वास्थ्य-अनुकूल डिज़ाइनों में निवेश करना कोई बोझ या अतिरिक्त खर्च नहीं है. यह एक “दीर्घायु रणनीति” (longevity strategy) है, जो हमें अधिक मजबूत और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाएगी. आखिरकार, एक “बेहतर पृथ्वी” (better earth) का मतलब हम सभी के लिए एक “बेहतर भविष्य” (better future) है.

Above योसापोन बूनसोम, एक प्रसिद्ध लैंडस्केप आर्किटेक्ट और श्मा (Shma) के सम्मानित सह-संस्थापक. (चित्र: Worapon Teerawatvijit)
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