आर्ट स्पेस (हनोई) में 10 से 20 जनवरी तक आयोजित प्रदर्शनी “दाउ अन ट्रान हुई ओन्ह” में कलाकार ट्रान हुई ओन्ह के तीन प्रमुख रचनात्मक दौर के 54 चुने हुए कार्य प्रदर्शित हैं. इनमें तैलचित्र, गाउचे और चारकोल माध्यम शामिल हैं. यह प्रदर्शनी कलाकार के 90वें वर्ष का जश्न है.
कलाकार ट्रान हुई ओन्ह का करियर तीन महत्वपूर्ण चरणों में विभाजित किया जा सकता है. पहला चरण 1963 से 1980 का है. विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद, उन्होंने वियतनाम फाइन आर्ट्स यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य किया. इस दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत रचनाओं पर काम किया और साथ ही छात्रों को उत्तरी क्षेत्रों (1964-1969) के अध्ययन दौरों पर ले गए. उन्होंने क्वांग ट्राई (1971) और क्वांग बिन (1972) जैसे भीषण युद्धक्षेत्रों का अनुभव भी किया.
यह समाजवादी यथार्थवाद (Socialist Realism) का दौर था. उन्होंने युद्ध और जनजीवन के स्केच के माध्यम से प्रचार के उद्देश्य से चित्र बनाए. इसमें “अंकल हो इज़ स्टिल मार्चिंग विद अस” जैसी महत्वपूर्ण रचनाएं शामिल हैं, जो अब वियतनाम सैन्य इतिहास संग्रहालय में प्रदर्शित हैं. यह उनके करियर का सबसे अहम दौर था, क्योंकि इस समय की उनकी सारी कला देश के उद्देश्यों को समर्पित थी.
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Above “आओ दाई पहने युवती”, कैनवास पर तेल, 80 x 90 सेमी, 1979

Above “सब्सिडी काल की युवती”, कैनवास पर तेल, 70 x 90 सेमी, 1969

Above “तेई गुयेन (Tay Nguyen) की बेटी”, कैनवास पर तेल, 74 x 100 सेमी, 1990
दूसरा चरण 1980 से 2000 तक का है. इस दौरान ट्रान हुई ओन्ह ने सृजन के साथ-साथ वियतनाम फाइन आर्ट्स यूनिवर्सिटी और वियतनाम फाइन आर्ट्स एसोसिएशन में कई प्रमुख जिम्मेदारियां भी संभालीं. इस काल की कृतियां शहरी जीवन से लेकर पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों तक, विभिन्न परिवेशों में दैनिक गतिविधियों को दर्शाती हैं.
Above “मित्रों की बातचीत”, कागज पर गाउचे, 60 x 79 सेमी, 1984

Above “युवावस्था”, कार्डबोर्ड पर तेल, 50 x 59 सेमी, 1996

Above “दैनिक जीवन”, कागज पर गाउचे, 60 x 90 सेमी, 1994
तीसरा चरण 2000 से लेकर अब तक जारी है. वे आज भी दैनिक जीवन, परिदृश्य, चित्र और स्टिल लाइफ जैसे विषयों को बेहद जीवंत और आधुनिक अंदाज में उकेरते हैं. चाहे कोई भी दौर हो या माध्यम, ट्रान हुई ओन्ह की कृतियों में यथार्थवाद हमेशा विशिष्ट रूप से झलकता है.
आलोचक उनके चित्रों को सुगठित संयोजन और सशक्त ब्रशवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण मानते हैं. विशेष रूप से नीले और पीले रंगों का उनका परिष्कृत उपयोग और सामंजस्य उनकी अलग पहचान बनाता है.
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Above “झरने में स्नान”, लैकर (lacquer), 120 x 160 सेमी, 2022
Above “स्टिल लाइफ – बैंगनी फूल”, कैनवास पर तेल, 60 x 80 सेमी, 2021

Above “अमूर्त (Abstract)”, कागज पर गाउचे, 60 x 80 सेमी, 2022
प्रदर्शनी “दाउ अन ट्रान हुई ओन्ह” केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि 90 वर्षीय कलाकार की 60 साल की रचनात्मक यात्रा की एक झलक है. सामग्रियों पर अपनी अद्भुत पकड़ और यथार्थवादी दृष्टि के साथ, ट्रान हुई ओन्ह ने अपनी चित्रकला यात्रा में और अपने छात्रों की स्मृतियों में एक अमिट छाप छोड़ी है.
यह लेख मूल रूप से Tatler वियतनाम के फरवरी 2026 अंक में प्रकाशित हुआ था.
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