वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के बावजूद, सौंदर्य उद्योग नई ऊंचाइयों पर है. जब बजट सीमित होता है, तब अपनी देखभाल करना अनिश्चितता के बीच आत्मविश्वास जगाता है
क्या आपने कभी सोचा है कि आर्थिक अस्थिरता के बीच भी हम सौंदर्य प्रसाधन (cosmetics) खरीदना क्यों नहीं छोड़ते? इसका उत्तर केवल विलासिता में नहीं, बल्कि एक मूल आवश्यकता में है: कठिन समय में भी मनुष्य खुद को बेहतर महसूस करना चाहता है.
उदाहरण के लिए, एस्टी लॉडर (Estée Lauder) समूह के प्रमुख स्टीफन डी ला फेवरी का मानना है कि ग्राहक सौंदर्य उत्पादों की ओर इसलिए रुख करते हैं ताकि वे “अधिक आत्मविश्वास महसूस कर सकें”.
सौंदर्य अब केवल पार्टियों के लिए आरक्षित विलासिता नहीं रह गया है, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली का एक अभिन्न अंग और “मानसिक चिकित्सा” का रूप ले चुका है. जब बड़े निवेश टाल दिए जाते हैं, तो हम खुद की देखभाल (self-care) करने वाली छोटी लेकिन गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं में सुकून तलाशते हैं. इसी मनोविज्ञान ने एक ऐसे बाजार को जन्म दिया है जहां चिकित्सा विज्ञान और व्यक्तिगत जीवनशैली का संगम सौंदर्य की परिभाषा को फिर से लिख रहा है.
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बाजार में बदलाव और “एंटी-एजिंग” का बढ़ता आकर्षण
वैश्विक परिदृश्य को देखें तो महंगाई और ब्याज दरों के दबाव के बावजूद सौंदर्य पर खर्च लगातार बढ़ रहा है. मैकिन्से (McKinsey) और द इकोनॉमिस्ट की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में वैश्विक सौंदर्य उद्योग का राजस्व 440 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो खुदरा क्षेत्र की औसत वृद्धि से कहीं आगे है.
यह “लिपस्टिक प्रभाव” (Lipstick Effect) का स्पष्ट प्रमाण है — एक शब्द जिसे एस्टी लॉडर के लियोनार्ड लॉडर ने गढ़ा था. यह उस आर्थिक घटना को दर्शाता है जब उपभोक्ता कठिन समय में मन की शांति के लिए खुद को छोटी-छोटी विलासिता की चीजें उपहार में देते हैं. खास बात यह है कि अब ग्राहकों का दायरा बहुत बढ़ गया है: इसमें हल्का मेकअप करने वाले पुरुष और 8 साल की उम्र से ही प्रसाधनों का उपयोग शुरू करने वाली ‘अल्फा जनरेशन’ भी शामिल है.

Above वैश्विक बाजार में सौंदर्य उत्पादों की मांग हर वर्ग और उम्र में बढ़ रही है, जो इस उद्योग की मजबूती को दर्शाता है.
वियतनाम में भी सौंदर्य का “ब्रह्मांड” पहले से कहीं अधिक जीवंत है. B&Company और Statista के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में इसका आकार 2.74 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. 2029 तक बाजार में सालाना लगभग 3.3% की स्थिर वृद्धि की उम्मीद है. इस उछाल का मुख्य कारण देश की युवा और ऊर्जावान उपभोक्ता शक्ति है.
B&Company 2025 की जानकारी के अनुसार, जेन ज़ी (Gen Z) और मिलेनियल्स (Millennials), जिनकी औसत आयु लगभग 33.4 वर्ष है, बाजार का नेतृत्व कर रहे हैं. वे अपनी उपस्थिति को संवारने को केवल दिखावा नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं. न केवल महिलाएं, बल्कि पुरुष भी अब विशेष सौंदर्य उत्पादों पर खर्च करने से नहीं हिचकिचाते. जैसे-जैसे औसत आय 4,700 डॉलर से अधिक हो रही है, लोग सनस्क्रीन और मॉइस्चराइज़र जैसी चीजों को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बना रहे हैं.

Above युवा पीढ़ी के लिए स्किनकेयर अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि दैनिक जीवनशैली का एक अभिन्न अंग बन गया है.
यह बदलाव केवल आदतों तक सीमित नहीं है, बल्कि खरीदारी की सोच में भी गहरा परिवर्तन आया है. आज के उपभोक्ता अधिक समझदार हैं और उत्पाद की पारदर्शिता को लेकर सख्त हैं. वे अब केवल चमकदार विज्ञापनों पर भरोसा करने के बजाय, सामग्री (ingredients) की सूची पढ़ने और टिकाऊ मूल्यों की तलाश करने में समय बिताते हैं.
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महामारी के बाद स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ने उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पादों की ओर मोड़ा है जो सौंदर्य बढ़ाने के साथ-साथ मुहांसे या उम्र बढ़ने (anti-aging) जैसी समस्याओं का भी समाधान करें. इस सतर्कता ने बाजार में एक प्राकृतिक छंटनी कर दी है: केवल वे ब्रांड ही टिक पा रहे हैं जो वास्तव में गुणवत्तापूर्ण और ईमानदार हैं.
दिग्गजों की दौड़ और विज्ञान आधारित सौंदर्य का युग
अंतरराष्ट्रीय मंच पर, दुनिया “क्लिनिकल” (clinical) उत्पादों का उदय देख रही है. अब अस्पष्ट और काल्पनिक नामों की जगह वास्तविक परिणामों को प्राथमिकता दी जा रही है. वैश्विक उपभोक्ता अब सामान्य फॉर्मूलों के बजाय सोशल मीडिया विशेषज्ञों की सलाह पर रेटिनॉल (retinol) जैसे शक्तिशाली सक्रिय तत्वों की तलाश कर रहे हैं.
विज्ञान पर इस फोकस ने सौंदर्य सेवाओं को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी के अनुसार, बोटोक्स (botox) और फिलर (filler) जैसी गैर-सर्जिकल प्रक्रियाओं में 2020 के मुकाबले वैश्विक स्तर पर लगभग 40% की वृद्धि हुई है. आज के ग्राहक त्वरित, सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध परिणाम चाहते हैं.

Above वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सौंदर्य उपचार और गैर-सर्जिकल प्रक्रियाएं अब मुख्यधारा का हिस्सा हैं, जो सुरक्षित परिणामों का वादा करती हैं.
वियतनाम के बाजार में अभी भी अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों का दबदबा है, जो 90% से अधिक बाजार हिस्सेदारी रखते हैं. कोरियाई सौंदर्य प्रसाधन 30% बिक्री के साथ सबसे आगे हैं, इसके बाद यूरोप (23%) और जापान (17%) के लक्ज़री ब्रांड्स का स्थान है.
हालांकि, स्थानीय ब्रांड भी सराहनीय प्रयास कर रहे हैं. वे स्थानीय गर्व को जगाने के लिए हल्दी या कॉफी जैसी पारंपरिक सामग्री का उपयोग कर रहे हैं. B&Company 2025 के अनुसार, यह दृष्टिकोण युवाओं की “क्लीन ब्यूटी” (clean beauty) और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की मांग के साथ बिल्कुल सही बैठता है.
वर्तमान सौंदर्य परिदृश्य को डिजिटल तकनीक ने भी नया रूप दिया है. ई-कॉमर्स ने ब्रांड्स और ग्राहकों के बीच की दूरी को मिटा दिया है, जिससे वियतनाम में ऑनलाइन बाजार 1.5 बिलियन डॉलर का राजस्व देने वाला एक विशाल मंच बन गया है.
“लाइवस्ट्रीम शॉपिंग” अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक प्रभावी परामर्श उपकरण बन गया है, जो ब्रांड्स को युवा उपयोगकर्ताओं के साथ तेजी से विश्वास बनाने में मदद करता है. इसके साथ ही, घर पर उपयोग होने वाले सौंदर्य उपकरणों जैसे एलईडी मास्क (LED masks) या लिफ्टिंग मशीनों की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि ग्राहक अपनी सुंदरता की देखभाल पेशेवर तरीके से खुद करना चाहते हैं.

Above तकनीक और सौंदर्य का अनूठा संगम: घरेलू उपकरणों के जरिए अब स्पा जैसा अनुभव घर पर ही संभव है.
सौंदर्य बाजार अब केवल विकास के आंकड़ों की दौड़ नहीं है. यह वास्तविक मूल्य, ग्राहक मनोविज्ञान की समझ और हर छोटे अनुभव में तकनीक के अनुप्रयोग के बारे में है. जो ब्रांड अपनी विरासत और वैज्ञानिक नवाचार के बीच संतुलन बनाना जानते हैं, वे निश्चित रूप से इस नए सौंदर्य युग में अग्रणी होंगे.
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