जापान के “विंटर ओलंपिक” पेयर स्केटिंग खिलाड़ी “रिकु-रियू” यानी किहारा र्युइची और मियुरा रिकु की मुलाकात किसी नियति से कम नहीं थी. जानिए उनकी अद्भुत कहानी.
मिलान “विंटर ओलंपिक” की पेयर स्केटिंग स्पर्धा में “रिकु-रियू (Rikuryu)” के नाम से मशहूर गोल्डन जोड़ी, किहारा र्युइची और मियुरा रिकु ने जापान का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने फ्री स्केटिंग (लॉन्ग प्रोग्राम) फाइनल में 158.13 का रिकॉर्ड तोड़ स्कोर बनाया और 231.24 के कुल स्कोर के साथ इतिहास रच दिया. यह पेयर स्केटिंग श्रेणी में जापान के इतिहास का पहला गोल्ड मेडल है.
दरअसल, किहारा र्युइची और मियुरा रिकु इससे पहले हुए शॉर्ट प्रोग्राम (Short Program) में गलती के कारण पिछड़ गए थे और केवल पांचवें स्थान पर थे. लेकिन, फाइनल के फ्री स्केटिंग (Free Skating) में उन्होंने अपने डर पर विजय प्राप्त की और शानदार वापसी की. उन्होंने न केवल रिकॉर्ड स्कोर बनाया बल्कि एक ही बार में बाजी पलटते हुए चैंपियनशिप जीत ली. यह जीत बेहद प्रेरणादायक थी. स्पर्धा समाप्त होने के बाद किहारा का मियुरा के गले लगकर रोना इस “विंटर ओलंपिक” का सबसे भावुक पल बन गया, जिसने अनगिनत दर्शकों का दिल जीत लिया.

Above मिलान “विंटर ओलंपिक” पेयर स्केटिंग फाइनल में “रिकु-रियू” ने रिकॉर्ड स्कोर के साथ शानदार वापसी की और गोल्ड मेडल जीता. (Photo by Jared C. Tilton/Getty Images)
किहारा र्युइची का संघर्ष: जब उन्होंने संन्यास का मन बना लिया था

Above किहारा र्युइची ने 2014 के सोची “विंटर ओलंपिक” में नारुमी ताकाहाशी के साथ हिस्सा लिया था. (Photo by Matthew Stockman/Getty Images)
1992 में जन्मे किहारा र्युइची लंबे समय तक सिंगल स्केटिंग में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए थे. इसलिए 2013 में उन्होंने नारुमी ताकाहाशी के साथ जोड़ी बनाकर पेयर स्केटिंग में हाथ आजमाया. अगले ही साल उन्होंने 2014 के शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा लिया, लेकिन दुर्भाग्यवश वे केवल 19वें स्थान पर ही रह सके.
2015 से, किहारा ने सुजाकी मियु के साथ जोड़ी बनाई और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया. हालांकि, उनका प्रदर्शन औसत ही रहा. वे 2018 के प्योंगचांग “विंटर ओलंपिक” के लिए क्वालीफाई तो कर गए, लेकिन फ्री स्केटिंग फाइनल में जगह नहीं बना पाए. 2019 में, अभ्यास के दौरान गिरने से किहारा को ब्रेन कंकशन (मस्तिष्क में चोट) और कंधे की चोट का सामना करना पड़ा. इस कारण उन्हें उस वर्ष की फोर कॉन्टिनेंट्स चैंपियनशिप और सैतामा में आयोजित 2019 विश्व चैंपियनशिप से नाम वापस लेना पड़ा. इसके बाद अप्रैल में उन्होंने सुजाकी मियु के साथ अपनी साझेदारी खत्म करने की घोषणा कर दी.
जीवन के सबसे बुरे दौर में मुलाकात: “रिकु-रियू” का गठन

Above किहारा र्युइची अपने करियर के सबसे निचले स्तर पर थे जब उनकी मुलाकात मियुरा रिकु से हुई. 9 साल का अंतर होने के बावजूद दोनों “रिकु-रियू” बन गए. (Photo: Instagram/@kihara_ryuichi)
परिणामों में कोई विशेष सुधार न होने, चोटों और साथी से अलग होने के कई झटकों के कारण 26 वर्षीय किहारा को अपने आप पर संदेह होने लगा. उन्हें लगा कि शायद वे स्केटिंग के लिए नहीं बने हैं या वे अपने साथी के लिए बाधा बन रहे हैं. हताश होकर, उन्होंने अपने गृहनगर आइची लौटने और संन्यास लेने का फैसला कर लिया.
घर लौटने के बाद किहारा र्युइची ने गुजारे के लिए पार्ट-टाइम काम करना शुरू किया. वे स्पोर्ट्स एरेना में स्केटिंग शूज किराए पर देने, बर्फ की देखभाल करने और नाइट शिफ्ट में काम करने लगे. काम के साथ-साथ वे अपने भविष्य के बारे में सोच रहे थे. जून में, उन्हें जापान स्केटिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित पेयर स्केटिंग ट्रायल में स्वयंसेवक (volunteer) के रूप में मदद करने के लिए बुलाया गया. वहां उन्हें कनाडाई कोच ब्रूनो मार्कोट (Bruno Marcotte) का संदेश मिला. मार्कोट ने उन्हें उस समय की 17 वर्षीय स्केटर मियुरा रिकु के बारे में बताया और पूछा कि क्या किहारा उनके साथ जोड़ी बनाने का प्रयास करना चाहेंगे.

Above जोड़ी बनने के बाद “रिकु-रियू” ने कई प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. (Photo: Instagram/@kihara_ryuichi)

Above प्रमुख टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन के कारण “रिकु-रियू” को मिलान “विंटर ओलंपिक” में पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. (Photo: Instagram/@kihara_ryuichi)
उस समय मियुरा रिकु और किहारा र्युइची दोनों ही अपने करियर के बुरे दौर से गुजर रहे थे और इस असमंजस में थे कि उन्हें अपने पुराने साथियों से अलग होना चाहिए या नहीं. एक कोशिश के तौर पर, 9 साल का अंतर रखने वाले और एक-दूसरे से कभी न मिले किहारा और मियुरा ने साथ में स्केटिंग की. आश्चर्यजनक रूप से, इस ट्रायल में उनका तालमेल (chemistry) बेहतरीन रहा. उन्होंने कई मुश्किल मूव्स आसानी से किए, जिससे किहारा, मियुरा और उनके कोच भी हैरान रह गए. किहारा का कद और ताकत, मियुरा के छोटे कद और फुर्तीले मूवमेंट के साथ पूरी तरह फिट बैठती थी. वे एक-दूसरे के पूरक थे. इस अनुभव ने दोनों के भीतर स्केटिंग के प्रति जुनून को फिर से जगा दिया. अगस्त में उन्होंने आधिकारिक तौर पर जोड़ी बनाई और ट्रेनिंग के लिए कनाडा चले गए.
साथ में ट्रेनिंग करते हुए उनका रिश्ता और गहरा हो गया. उम्र में बड़े होने के नाते किहारा एक मेंटर और बड़े भाई की तरह मियुरा का मार्गदर्शन करते थे. वहीं, जब किहारा निराश होते, तो मियुरा उन्हें प्रोत्साहित करतीं. एक-दूसरे का सहारा बनकर उन्होंने कई छोटी-बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. बीजिंग 2022 “विंटर ओलंपिक” में यह “रिकु-रियू” जोड़ी जापान की पहली ऐसी जोड़ी बनी जो पेयर स्केटिंग फाइनल में पहुंची और सातवें स्थान पर रही. हालांकि वे मेडल नहीं जीत सके, लेकिन उन्होंने उस समय जापान के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड बनाया. साथ ही, उन्होंने जापान को टीम इवेंट में सिल्वर मेडल दिलाने में मदद की.
इसके बाद, “रिकु-रियू” ने 2023 और 2025 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी बादशाहत साबित की. वे विश्व रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंच गए और 2026 मिलान “विंटर ओलंपिक” में जापान के लिए मेडल जीतने के सबसे बड़े दावेदार बन गए.
चमत्कारिक वापसी और पहला गोल्ड मेडल

Above मिलान “विंटर ओलंपिक” में शॉर्ट प्रोग्राम में गलती के कारण वे पिछड़ गए थे, जिससे किहारा बेहद भावुक हो गए. (Photo by Elsa/Getty Images)

Above मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मियुरा रिकु ने किहारा र्युइची का लगातार हौसला बढ़ाया. (Photo by Elsa/Getty Images)
मिलान “विंटर ओलंपिक” में जब वे उतरे, तो शॉर्ट प्रोग्राम के दौरान एक निर्धारित लिफ्ट में किहारा ने मियुरा को समय से पहले नीचे उतार दिया. इस गलती के कारण उनके अंक कट गए और वे 73.11 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गए, जो पहले स्थान से 6.9 अंक पीछे था. इस झटके से किहारा मैदान पर ही टूट गए थे. ऐसे समय में, मियुरा रिकु ने “बड़ी बहन” की भूमिका निभाई और किहारा को संभाला. उन्होंने किहारा को याद दिलाया कि खेल अभी खत्म नहीं हुआ है, ताकि वे अपनी मानसिकता को सुधार सकें और फ्री स्केटिंग (लॉन्ग प्रोग्राम) में मेडल के लिए संघर्ष कर सकें.
फ्री स्केटिंग इवेंट में, “रिकु-रियू” ने सभी मूव्स को पूर्णता के साथ अंजाम दिया और 158.13 का विशाल स्कोर हासिल किया. कुल 231.24 अंकों के साथ उन्होंने मैच का पासा पलट दिया और इस स्पर्धा में जापान का पहला गोल्ड मेडल जीत लिया. जीत की घोषणा होते ही किहारा भावुक होकर मियुरा के गले लगकर रोने लगे. यह दृश्य पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया. मुश्किलों से उबरने, एक-दूसरे का साथ देने और अंत में विजेता बनने की उनकी कहानी ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है.

Above शानदार प्रदर्शन के बाद किहारा र्युइची भावुक होकर मियुरा रिकु के गले लग गए, यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. (Photo by Steve Christo - Corbis/Corbis via Getty Images)
“किहारा डिलीवरी” और उनकी केमिस्ट्री की चर्चा
“रिकु-रियू” जोड़ी न केवल अपने बेहतरीन स्केटिंग प्रदर्शन के लिए, बल्कि ऑफ-आइस केमिस्ट्री के लिए भी जानी जाती है. विशेष रूप से पोडियम पर चढ़ते समय, किहारा र्युइची अक्सर मियुरा रिकु को कमर से उठाकर सीधे पोडियम पर रख देते हैं और वैसे ही उतारते हैं. इसे नेटीजन्स ने प्यार से “किहारा डिलीवरी” (किहारा ट्रांसपोर्ट) का नाम दिया है. दरअसल, यह उनकी पुरानी आदत है.
किहारा को हमेशा डर रहता है कि मियुरा कहीं पोडियम पर चढ़ते-उतरते समय गिर न जाएं या चोटिल न हो जाएं, इसलिए वे सुरक्षा के तौर पर ऐसा करते हैं. मियुरा को भी अब इस प्यार भरे व्यवहार की आदत हो गई है. यह छोटी सी बात उनके गहरे आपसी विश्वास और साझेदार के रूप में उनके मजबूत रिश्ते को दर्शाती है.
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