Who is Sylvia Earle? Facts about the oceanographer (Photo: Tatler Archives; edited by Angela Nicole Guiral)
Cover सिल्विया अर्ल कौन हैं? ओशनोग्राफर के बारे में तथ्य (फोटो: टैटलर आर्काइव्स; संपादन: एंजेला निकोल गुइराल)
Who is Sylvia Earle? Facts about the oceanographer (Photo: Tatler Archives; edited by Angela Nicole Guiral)

“जलमग्न ग्लास सीलिंग” को तोड़ने से लेकर “हर डीपनेस” कहलाने तक, सिल्विया अर्ल हमारे नीले ग्रह की सबसे बड़ी संरक्षक बनी हुई हैं

मानव अन्वेषण की कहानियों में अक्सर अंतरिक्ष की चर्चा होती है, लेकिन डॉ. सिल्विया अर्ल ने समुद्र की गहराइयों में एक समानांतर और उतनी ही महत्वपूर्ण दुनिया खोजी. 1935 में जन्मी अर्ल के पास प्रकृति को समझने की अद्भुत जिज्ञासा थी. उनके करियर ने मरीन बायोलॉजी (marine biology) और गहरे समुद्र की इंजीनियरिंग की सीमाओं को फिर से परिभाषित किया है. उन्होंने पानी के भीतर 7,000 से अधिक घंटे बिताए हैं और 100 से ज़्यादा अभियानों का नेतृत्व किया है. उन्होंने पुरानी लैंगिक बाधाओं को तोड़ते हुए खुद को हमारे समय की सबसे सम्मानित वैज्ञानिक हस्तियों में शामिल किया. उन्हें हर डीपनेस (Her Deepness) और लिविंग लीजेंड जैसे नाम दिए गए.

आज वे नेशनल जियोग्राफिक की एक्सप्लोरर-एट-लार्ज हैं और एनओएए (NOAA) की पहली महिला मुख्य वैज्ञानिक भी रह चुकी हैं. सिल्विया अर्ल का प्रभाव केवल अकादमिक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है. वे मरीन बॉटनी की एक शोधकर्ता से बढ़कर अब एक मुखर पर्यावरण अधिवक्ता बन गई हैं. वे महासागर को केवल पानी का भंडार नहीं, बल्कि एक नाज़ुक ब्लू हार्ट मानती हैं जो मानव अस्तित्व के लिए ज़रूरी है. 90 साल की उम्र में भी वे एक मज़बूत प्लैनेटरी गार्जियन बनी हुई हैं. अपने मिशन ब्लू (Mission Blue) के ज़रिए वे दुनिया को एकजुट कर रही हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उन अजूबों को देख सकें जिन्हें उन्होंने दशकों तक संजोया है.

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“इन सीटू” (In Situ) वनस्पति विज्ञान की प्रणेता

जब उनके साथी धूल भरी प्रयोगशालाओं में सूखे नमूनों का अध्ययन कर रहे थे, तब सिल्विया अर्ल ने पानी के भीतर जाकर शोध करने की ठानी. वे स्कूबा गियर का उपयोग करके समुद्री जीवन को उनके प्राकृतिक आवास में पढ़ने वाली पहली वैज्ञानिकों में से एक बनीं. उनके ऐतिहासिक डॉक्टरेट शोध प्रबंध (dissertation) में शैवाल (algae) के 20,000 से अधिक नमूनों की सूची शामिल थी. इसने मेक्सिको की खाड़ी की जैव विविधता के लिए एक आधार तैयार किया, जो आज भी शोधकर्ताओं के लिए प्राथमिक संदर्भ माना जाता है.

पानी के भीतर की “ग्लास सीलिंग” को तोड़ना

1970 में, सिल्विया अर्ल ने टेक्टाइट II (Tektite II) मिशन के दौरान एक्वानॉट्स की पहली महिला टीम का नेतृत्व किया. वे दो सप्ताह तक सतह से 50 फीट नीचे एक पानी के भीतर के आवास में रहीं. उस दौर के मीडिया ने मज़ाक में उन्हें एक्वाबैब्स (aquababes) कहा. लेकिन टीम की कड़ी वैज्ञानिक मेहनत और मानसिक दृढ़ता ने नासा (NASA) के भविष्य के अंतरिक्ष यात्री चयन मानदंडों को सीधे प्रभावित किया. उन्होंने साबित कर दिया कि गहरे समुद्र में अन्वेषण के लिए लिंग कोई बाधा नहीं है.

समुद्र तल पर रिकॉर्ड तोड़ने वाली चहलकदमी

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Sylvia Earle holds the record for the deepest sea floor walk to date (Photo: Mission Blue)
Above सिल्विया अर्ल के नाम आज भी समुद्र तल पर सबसे गहराई में चलने का रिकॉर्ड दर्ज है (फोटो: मिशन ब्लू)
Sylvia Earle holds the record for the deepest sea floor walk to date (Photo: Mission Blue)

सिल्विया अर्ल ने 1979 में इतिहास रच दिया. उन्होंने समुद्र तल पर अब तक की सबसे गहरी और बिना किसी सहारे की चहलकदमी (untethered walk) की. हवाई के ओहू तट पर, उन्होंने एक प्रेशराइज्ड जिम (JIM) सूट पहना और प्रशांत महासागर के अंधेरे में 1,250 फीट नीचे उतर गईं. गहरे समुद्र में बायोल्यूमिनसेंस (bioluminescence) को देखने के अनुभव को उन्होंने तारों के बीच गिरने जैसा बताया.

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प्रयोगशाला से ड्राफ्टिंग टेबल तक

सिल्विया अर्ल ने महसूस किया कि समुद्र के ज्ञान में सबसे बड़ी बाधा वहां तक पहुंचना है. इसलिए उन्होंने इंजीनियरों के साथ मिलकर डीप रोवर (Deep Rover) जैसी क्रांतिकारी पनडुब्बियों को डिजाइन किया. यह एक एक्रिलिक गोला था जिसमें 360-डिग्री दृश्य दिखाई देता था. उनका मानना था कि गहरे समुद्र के वाहनों को इतना सरल होना चाहिए कि केवल पेशेवर पायलट ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक भी उन्हें चला सकें. इस तरह उन्होंने शोधकर्ता और गहरे समुद्र के बीच की तकनीकी दूरी को खत्म कर दिया.

“होप स्पॉट्स” (Hope Spots) का विज़न

अपने गैर-लाभकारी संगठन, मिशन ब्लू (Mission Blue) के माध्यम से, सिल्विया अर्ल ने होप स्पॉट्स की अवधारणा पेश की. ये समुद्र में वे विशेष स्थान हैं जो हमारे ग्रह के ब्लू हार्ट के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं. उनका महत्वाकांक्षी 30x30 लक्ष्य 2030 तक दुनिया के 30 प्रतिशत महासागरों की रक्षा करना है. यह स्थानीय समुदाय के नेतृत्व वाले संरक्षण प्रयासों को समुद्री अभयारण्यों के वैश्विक नेटवर्क में बदल रहा है.

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एंजेला निकोल गुइराल
डिजिटल संपादक, Tatler Philippines
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एंजेला निकोल रेजिस गुइराल टैटलर फिलीपींस की सहायक डिजिटल संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और तब से ऐसे लेख लिखती आ रही हैं जो संस्कृति, जीवनशैली और सामाजिक प्रभाव के अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करते हैं, साथ ही कभी-कभी स्टाइल और यात्रा की दुनिया में भी अपनी पैठ बनाते हैं।