प्रसिद्ध गायिका, अभिनेत्री और उद्यमी डॉली पार्टन, जिनका 25 अगस्त को कैंसर के कारण निधन हो गया, ने अपनी चमक, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता से महिलाओं की पीढ़ियों को प्रेरित किया. डॉली पार्टन (Dolly Parton) हमेशा एक मिसाल रहेंगी.
डॉली रेबेका पार्टन का जन्म टेनेसी के एक ग्रामीण परिवार में हुआ था. अमेरिकी कलाकार डॉली पार्टन ने केवल कंट्री म्यूज़िक तक सीमित न रहकर एक बड़ा साम्राज्य बनाया. बिलबोर्ड कंट्री चार्ट में 26 बार शीर्ष पर रहीं डॉली पार्टन (Dolly Parton) का संगीत और उनकी व्यावसायिक कुशलता ने उन्हें एक अलग पहचान दी. “आई विल ऑलवेज लव यू”, “जोलिन” और “9 टू 5” जैसे गानों ने उन्हें वैश्विक ख्याति दिलाई.
“दुनिया के लिए चमकता हुआ एक राइनस्टोन जीवन, डॉली का संगीत और उनकी बुद्धिमानी हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी,” उनके प्रतिनिधियों ने उनकी मृत्यु के बाद एक आधिकारिक बयान में साझा किया. “डॉली पार्टन का जीवन प्रेम, दया और दृढ़ता की एक अमिट विरासत है.”
26 अगस्त महिला समानता दिवस है, जो अमेरिकी महिलाओं को मतदान का अधिकार मिलने का प्रतीक है; यह दिन डॉली पार्टन (Dolly Parton) को सम्मानित करने के लिए अत्यंत उपयुक्त है. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से “फेमिनिस्ट” लेबल से परहेज किया, लेकिन वे महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक स्थायी प्रतीक बनी रहीं.
उनके जीवन और करियर से जुड़ी सबसे बड़ी सीख यहाँ दी गई है.
लोगों को आपको कम आंकने दें, फिर इसे एक व्यावसायिक लाभ के रूप में उपयोग करें
सुनहरे विग और चमकदार लिबास के लिए मशहूर, डॉली पार्टन ने अपने सौंदर्य को उस अंदाज़ में ढाला जिसे वे “कंट्री गर्ल की ग्लैमर की परिभाषा” कहती थीं. साठ और सत्तर के दशक में, डॉली पार्टन (Dolly Parton) ने अपने अति-स्त्रीलिंगी रूप को एक रणनीतिक ढाल के रूप में इस्तेमाल किया.
“बहुत से पुरुषों को लगता था कि मैं वैसी ही मूर्ख हूँ जैसी दिखती हूँ,” उन्होंने 2009 में एक इंटरव्यू में कहा था. “मैं एक महिला की तरह दिखती हूँ, लेकिन मैं एक पुरुष की तरह सोचती हूँ. व्यापार की इस दुनिया में, इसने मुझे बहुत मदद की है.”
उनकी स्पष्टवादिता और स्वयं का मज़ाक उड़ाने की क्षमता ने उन्हें आलोचनाओं से निपटने में मदद की. उन्होंने अक्सर अपने पहनावे पर चुटकुले सुनाकर आलोचना को पहले ही निष्प्रभावी कर दिया था. उनका एक प्रसिद्ध कथन था: “इतना सस्ता दिखने में भी बहुत पैसा खर्च होता है.”
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चाहे आप “फेमिनिस्ट” शब्द को अपनाएं या न अपनाएं, लैंगिक समानता आवश्यक है
डॉली पार्टन (Dolly Parton) एक बेहद चतुर व्यवसायी थीं. उनकी मृत्यु के समय, फोर्ब्स ने उनकी कुल संपत्ति लगभग 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी थी. इसका एक बड़ा हिस्सा उनके संगीत और उनके थीम पार्क “डॉलीवुड” से आता था, जहाँ सालाना 4 मिलियन से अधिक पर्यटक आते थे. वे एक परोपकारी के रूप में भी उतनी ही सक्रिय थीं.
हालांकि डॉली पार्टन को एक फेमिनिस्ट आइकन के रूप में माना जाता था, विशेष रूप से 1980 की फिल्म “9 टू 5” में उनके काम के लिए, उन्होंने खुद को कभी फेमिनिस्ट नहीं कहा. बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने कहा: “मैं इस बात से सहमत हूँ कि चाहे आप पुरुष हों या महिला, आपको काम के बदले उचित सम्मान और वेतन मिलना चाहिए.”
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अपने काम का स्वामित्व खुद रखें
एक संगीतकार के रूप में, डॉली पार्टन (Dolly Parton) का करियर आत्मनिर्भरता पर टिका था. उन्होंने शक्तिशाली पुरुषों के दबाव में आकर कभी भी अपनी कला का नियंत्रण नहीं छोड़ा. 1974 में, जब एल्विस प्रेस्ली के मैनेजर ने “आई विल ऑलवेज लव यू” के अधिकार मांगे, तो डॉली ने मना कर दिया.
अपनी रचना का पूर्ण स्वामित्व बनाए रखकर, डॉली ने यह सुनिश्चित किया कि जब भी गाना सफल हो, उसका लाभ उन्हें मिले. 1992 में, व्हिटनी ह्यूस्टन के संस्करण के बाद भी, डॉली को रॉयल्टी से भारी लाभ हुआ. डॉली पार्टन ने इन पैसों का इस्तेमाल नैशविले के एक ऐतिहासिक क्षेत्र में व्यावसायिक परिसर बनाने में किया.
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लक्षित और व्यावहारिक कार्यों के माध्यम से परोपकार को आगे बढ़ाएं
डॉली पार्टन (Dolly Parton) का परोपकार उनके स्वयं के अभावग्रस्त बचपन के अनुभवों से उपजा था. उन्होंने “इमेजिनेशन लाइब्रेरी” के ज़रिए करोड़ों मुफ्त किताबें बच्चों तक पहुँचाईं. 2020 में, उन्होंने वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर को 1 मिलियन डॉलर का दान दिया, जो कोरोना वैक्सीन शोध में सहायक साबित हुआ.
2022 में कार्नेगी मेडल ऑफ फिलैंथ्रोपी से सम्मानित, डॉली का नेतृत्व परिणाम-उन्मुख रहा. उन्होंने अपने गाने “बैकवुड्स बार्बी” में सटीक कहा था: “मैं कृत्रिम दिख सकती हूँ, लेकिन जहाँ मायने रखता है, मैं वहां असली हूँ.”





