Cover प्रारंभिक ग्रीष्म में जापान के हाइड्रेंजिया पूर्ण प्रस्फुटित होते हैं. (छवि: Getty Images)

जून के प्रवेश के साथ, जापान के हाइड्रेंजिया भी अपने श्रेष्ठ दर्शन काल में आते हैं. कांतो और कंसाई के 4 अनिवार्य हाइड्रेंजिया उत्सव, टोक्यो या ओसाका से पहुँचना समान रूप से आसान.

हाइड्रेंजिया को जापानी में अजिसाई भी कहा जाता है, क्योंकि इसके पुष्पगुच्छ गेंद जैसे होते हैं. यह जापान की मूल प्रजाति है और इसका सबसे प्राचीन उल्लेख जापानी काव्य-संग्रह “मान्योशू” में मिलता है. नाम का उद्गम प्राचीन अभिव्यक्ति “सच्चे नीले का संगम” से माना जाता है. मिट्टी की अम्ल-क्षारता के सूक्ष्म बदलाव से इसकी पंखुड़ियों का रंग नीले, बैंगनी-लाल और श्वेत के बीच बदलता रहता है, इसलिए इसे “फूलों का गिरगिट” भी कहते हैं. इसके फूल-संकेत “नश्वरता, बदलता मन” से आगे बढ़कर “परिवार का मिलन” और “पूर्णता” का भी भाव व्यक्त करते हैं.

हर वर्ष मई के अंत से जुलाई की शुरुआत तक चलने वाले वर्षा-ऋतु में, जापान भर में “हाइड्रेंजिया महोत्सव” आयोजित होते हैं. इस अवधि में अनेक प्रसिद्ध उद्यान अपने विरल रूप से खुलने वाले गुप्त प्रांगण भी दर्शकों के लिए खोलते हैं. मंदिरों के हाथ-धोवन कुंडों में कटी हुई हाइड्रेंजिया कलियों को सजा कर ध्यानमय पुष्प-सज्जा रची जाती है. कुछ प्राचीन मंदिर सप्ताहांत पर मनोहारी प्रकाश-सज्जा भी करते हैं, ताकि आगंतुक शांत ग्रीष्मरात्रि में सुगंध और धुंधली पुष्प-छायाओं की अद्भुत दुनिया का आनंद ले सकें. प्रारंभिक ग्रीष्म की आहट के साथ, अब एक सुरुचिपूर्ण पुष्प-यात्रा की योजना बना लें.

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Above मेइगेट्सू-इन में लगे “हिमे हाइड्रेंजिया” का रंग धवल से बदलकर धीरे-धीरे गहरा नीला होता है. (छवि: Getty Images)
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Above मेइगेट्सू-इन के मुख्य प्रांगण में स्थित गोल खिड़की “बोध की खिड़की” ध्यानमय आभा से भरपूर है. (छवि: Getty Images)

जापान के हाइड्रेंजिया: कामाकुरा मेइगेट्सू-इन

कामाकुरा के सबसे प्रतीकात्मक “हाइड्रेंजिया मंदिर” के रूप में विख्यात मेइगेट्सू-इन में लगभग 2,500 जापानी मूल प्रजाति “हिमे हाइड्रेंजिया” लगाए गए हैं. अब ये पुष्प प्रारंभिक श्वेत आभा छोड़कर मंद हवा के साथ गहरे नील रंग में ढल चुके हैं — यही है “मेइगेट्सू-इन ब्लू” का पूर्ण प्रस्फुटन काल. सीढ़ियों पर ऊपर बढ़ते ही दोनों ओर नीले हाइड्रेंजिया का सागर लहराता है, जो स्वप्निल और प्रभावशाली दृश्य रचता है. रोमांटिक पुष्प-मार्ग के अलावा, मुख्य प्रांगण की गोल खिड़की “बोध की खिड़की” भी आकर्षण का केंद्र है. इसी खिड़की से सीमित अवधि के लिए खुलने वाले पिछवाड़े उद्यान की हरितिमा और उत्कृष्ट जापानी करेसंसुई (सूखी उद्यान) सौंदर्य का दर्शन होता है. इस वर्ष जून में दर्शन समय प्रतिदिन सुबह 8:30 से शाम 5:00 तक है. नीरवता का आनंद लेने हेतु प्रातःकाल आना उपयुक्त रहेगा.

पता: कानागावा प्रीफेक्चर, कामाकुरा-शी, यामानौची 189
आवागमन: JR “टोक्यो स्टेशन” या “शिनागावा स्टेशन” से JR योकोसुका लाइन द्वारा सीधे “किता-कामाकुरा स्टेशन” आएं. वहां से पैदल लगभग 10 मिनट.

जापान के हाइड्रेंजिया: कामाकुरा हसेडेरा

कामाकुरा का हसेडेरा, मेइगेट्सू-इन जितना ही प्रसिद्ध, विविध किस्मों और सागर-दृश्य के संगम वाले अप्रतिम नज़ारे के लिए जाना जाता है. यहां 40 से अधिक किस्मों के लगभग 2,500 हाइड्रेंजिया रोपे गए हैं. जैसे-जैसे ग्रीष्म गहराता है, पहाड़ी ढलान पर बनी “हाइड्रेंजिया पगडंडी” अपने श्रेष्ठ दर्शन काल में प्रवेश कर चुकी है. ढलान वाली पथरीली राह पर धीरे-धीरे चलते हुए, गुलाबी और नीले-बैंगनी पुष्प-गुच्छ प्राचीन काष्ठ-निर्मित मंदिर के साथ मनोहारी विरोधाभास रचते हैं. शीर्ष पर पहुंच कर युईगाहामा के गाढ़े नीले समुद्र और पुष्प-सागर को एक साथ फ्रेम में समेटा जा सकता है — दृश्य अत्यंत बहुरंगी है. बढ़ते फूल-ऋतु के साथ, इस वर्ष हसेडेरा ने बेहतर भीड़-नियंत्रण लागू किया है: सामान्य प्रवेश-शुल्क के अतिरिक्त पगडंडी में प्रवेश हेतु स्थल पर ही एक अलग “हाइड्रेंजिया टिकट” खरीदना आवश्यक है. यहां का सुसज्जित फूल-हाथ-धोवन कुंड भी एक अनुपम फोटो-पॉइंट है.

पता: कानागावा प्रीफेक्चर, कामाकुरा-शी, हसे 3-11-2
आवागमन: JR “टोक्यो स्टेशन” से JR योकोसुका लाइन या तोकाइदो लाइन द्वारा “कामाकुरा स्टेशन” आएं. यहां से एनोशिमा डेंटेट्सु (एनो-डेन) लें और “हसे स्टेशन” उतरें. वहां से पैदल लगभग 5 मिनट.

जापान के हाइड्रेंजिया: उजी मिमुरोटो-जी

यदि आपका आरंभिक ग्रीष्म-कालीन कार्यक्रम कंसाई पर केंद्रित है, तो क्योटो प्रीफेक्चर के उजी स्थित मिमुरोटो-जी अवश्य देखें — यह शीर्ष स्तरीय पुष्प-दर्शन स्थल है. यहां अत्यंत विशाल हाइड्रेंजिया उद्यान है, जहां 50 किस्मों के कुल 20,000 पौधे लगाए गए हैं. इस वर्ष मिमुरोटो-जी का हाइड्रेंजिया उद्यान औपचारिक रूप से खुल चुका है. पश्चिमी ढंग के ढोल-आकृति वाले उपवन में लाल, श्वेत, नीले और बैंगनी रंग मानो कालीन-से बिछे दिखते हैं — दृश्य अतुलनीय है. सबसे अधिक आकर्षण मध्य से उत्तर जून के बीच, प्रत्येक शनिवार और रविवार को आयोजित सीमित अवधि के रात्रि प्रकाश-सज्जा का है. दीपप्रकाश के साथ कोमल आभा जब शास्त्रीय मंदिर और खिले हुए पुष्प-सागर पर पड़ती है, तो दिन के विपरीत एक अद्भुत, स्वप्निल वातावरण बनता है, जो क्योटो की शिष्टता को पूर्णता से अभिव्यक्त करता है.

पता: क्योटो प्रीफेक्चर, उजी-शी, टोदो शिगाया 21
आवागमन: “क्योटो स्टेशन” से JR नारा लाइन द्वारा “उजी स्टेशन” पहुंचें, या “संजो स्टेशन” से केहान मेन लाइन लेकर “चूशोज़िमा स्टेशन” पर बदलें और केहान उजी लाइन से “मिमुरोडो स्टेशन” उतरें. वहां से पैदल लगभग 15 मिनट; या पुष्प-ऋतु में JR उजी स्टेशन/केहान उजी स्टेशन से चलने वाली सीमित अवधि की “अजिसाई-गो” बस सीधे लें.

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Above शिमोदा पार्क में 3 मिलियन हाइड्रेंजिया पहाड़ियों पर खिले हुए हैं. (छवि: Getty Images)

जापान के हाइड्रेंजिया: इज़ू शिमोदा पार्क

शिज़ुओका प्रीफेक्चर के इज़ू स्थित शिमोदा पार्क में देश-भर में अग्रणी स्तर के 3 मिलियन (लगभग 1.5 लाख गुच्छे) हाइड्रेंजिया हैं, और पूरे जून माह “शिमोदा पार्क हाइड्रेंजिया महोत्सव” भव्य रूप से आयोजित होता है. विस्तीर्ण उद्यान में फैला घना हाइड्रेंजिया-सागर शिमोदा पोर्ट के खाड़ी-दृश्य से सामंजस्य बैठाता है — मानो किसी कैनवास पर उकेरी गई छटा. इस वर्ष दिन के भव्य पुष्प-दर्शन के साथ, निकटस्थ रयोसेन-जी में रात्रि के लिए “हाइड्रेंजिया रोड” बांस-दीपक आलोकन का आयोजन होगा, जो पारंपरिक बांस-प्रकाश और आधुनिक प्रकाश-कला का संगम है. हॉट-स्प्रिंग क्षेत्र में ई-स्टैम्प संग्रह और फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी चलेगी, जिससे समूचे शिमोदा शहर में उत्सव का वातावरण बनेगा — यह आरंभिक ग्रीष्म की अनिवार्य शाही अनुभूति है.

पता: शिज़ुओका प्रीफेक्चर, शिमोदा-शी, सं-चोमे 3-11-17
आवागमन: JR “शिज़ुओका स्टेशन” से तोकाइदो शिंकान्सेन द्वारा “अतामी स्टेशन” पहुंचें. यहां से JR इटो लाइन व इज़ू क्यूको लाइन द्वारा सीधे “इज़ूक्यू-शिमोदा स्टेशन” आएं. स्टेशन से नियमित बस द्वारा लगभग 5 मिनट में “शिमोदा पार्क” या पैदल लगभग 20 मिनट.

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