CHIBA, JAPAN - FEBRUARY 20 :Baby monkey named 'Punch' is seen with a stuffed animal at a zoo on February 20, 2026, in north of Tokyo, Chiba Prefecture, Japan. Abandoned by his mother at birth, the monkey found comfort with a stuffed animal. (Photo by David Mareuil/Anadolu via Getty Images)
Cover बेबी मकाक “पंच” अपने इमोशनल सपोर्ट खिलौने के साथ खेल रहा है (Photo: David Mareuil/Anadolu/ Getty Images)
CHIBA, JAPAN - FEBRUARY 20 :Baby monkey named 'Punch' is seen with a stuffed animal at a zoo on February 20, 2026, in north of Tokyo, Chiba Prefecture, Japan. Abandoned by his mother at birth, the monkey found comfort with a stuffed animal. (Photo by David Mareuil/Anadolu via Getty Images)

“पंच” उर्फ पांची-कुन और “अलोका” जैसे इंटरनेट सुपरस्टार्स न केवल हमारा मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को सुकून और खुशी भी दे रहे हैं

इचिकावा सिटी ज़ू का प्यारा सा बेबी मकाक “पंच” पूरे इंटरनेट पर छाया हुआ है. लोग इस नन्हे जीव और उसके इमोशनल सपोर्ट खिलौने (plushie) की वीडियो और तस्वीरें देखने के लिए बेताब रहते हैं. जन्म के समय ही अपनों से बिछड़ने और ज़ू के मकाक समूह में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करने की “पंच” की कहानी किसी पिक्सर फिल्म जैसी है. यह कहानी उन सभी के दिलों को छू लेती है जिन्होंने कभी प्यार और स्वीकृति की चाहत रखी है.

लेकिन वह एकमात्र ऐसा वायरल जानवर नहीं है जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. “टिकी” है, जो शायद सबसे प्रसिद्ध फोस्टर डॉग है, और नटखट पिग्मी हिप्पो “मू डेंग” भी इस सूची में शामिल हैं. निस्संदेह वे बेहद प्यारे हैं, लेकिन अपनी क्यूटनेस से परे, उन्होंने दुनिया भर में लोगों के जीवन में खुशी की रोशनी भी बिखेरी है.

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पंच / पांची-कुन (Punch/Panchi-kun)

इचिकावा सिटी ज़ू का जापानी बेबी मकाक “पंच” (या पांची-कुन) इंटरनेट का सबसे नया चहेता है. जन्म के समय मां द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद उसे ज़ू कीपर्स ने पाला. उसे एक आइकिया (Ikea) ओरंगुटान खिलौने में अपना सुकून मिला है.

खिलौने से चिपके हुए और ज़ू के मकाक समूह में घुलने-मिलने की कोशिश करते हुए “पंच” के वीडियो वायरल हो गए हैं. इसने आइकिया जापान को इतने खिलौने दान करने के लिए प्रेरित किया जितने शायद पंच को कभी ज़रूरत भी न पड़े. साथ ही, उसे एक नज़र देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ भी उमड़ पड़ी है.

“पंच” के लिए यह सफर आसान नहीं रहा. उसे कभी-कभी बड़े मकाक बंदरों से अस्वीकृति और डांट भी खानी पड़ी. ज़ू कीपर्स, जो उसके माता-पिता की भूमिका निभा रहे हैं, का कहना है कि यह प्रक्रिया का हिस्सा है. वे समर्थकों को सलाह देते हैं कि नन्हे बंदर के लिए दया महसूस करने के बजाय उसका उत्साह बढ़ाएं.

सौभाग्य से, अब स्थिति बेहतर हो रही है. हालिया वीडियो में वयस्क बंदर उसे संवारते (grooming) और गले लगाते दिख रहे हैं. “पंच” अब अधिक आत्मविश्वासी हो गया है और अपने खिलौने के साथ कम समय बिता रहा है. उसकी सहनशीलता और बहादुरी ने दुनिया भर के लोगों के दिलों में जगह बना ली है, जो उसकी सफलता की कामना कर रहे हैं.

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अलोका, द पीस डॉग (Aloka, the Peace Dog)

जब ह्यूओंग दाओ विपश्यना भावना सेंटर के बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह पिछले अक्टूबर में टेक्सास से वॉशिंगटन डीसी तक शांति पदयात्रा पर निकला, तो उनके साथ एक अनुभवी सदस्य भी शामिल था — “अलोका”, द पीस डॉग.

2022 में भारत में इसी तरह की एक पदयात्रा के दौरान भिक्षुओं ने इस आवारा कुत्ते को अपनाया था. अब अलोका शांति का प्रतीक बन गया है. उसके माथे पर दिल के आकार का एक खास निशान है और वह अक्सर “वॉक फॉर पीस” (Walk for Peace) लिखा हुआ बंदना पहने नज़र आता है.

उसकी सेहत और सुरक्षा के लिए उसे लंबी सैर से बीच-बीच में आराम दिया जाता है और वह सपोर्ट वाहन में सवारी करता है — हालांकि वह भिक्षुओं के साथ रहना ही पसंद करता है. भारत में एक कार दुर्घटना और बाद में सर्जरी के बावजूद, उसने हार नहीं मानी. उसकी वफादारी और दृढ़ संकल्प ने न केवल उन लोगों का दिल जीता जो उससे रास्ते में मिले, बल्कि दुनिया भर के उन लोगों का भी जिन्होंने उसकी अद्भुत कहानी सुनी.

टिकी (Tiki)

@simonsits Tiki is officially available for adoption. If you’re interested in being Tiki’s forever family, you can find his adoption profile in our bio 🥹❤️ @Muddy Paws Rescue @ASPCA ♬ Run Away with Me - Louis Island

जब इसाबेल क्ली ने “टिकी” को ठीक करने की चुनौती स्वीकार की, तो उन्होंने अपने फॉलोअर्स को भी इस सफर में शामिल किया. 44 दिनों में एक “बेहद डरे हुए फोस्टर डॉग” से एक “बेहद बहादुर डॉग” बनने तक का उसका सफर इसाबेल, टिकी और उनके फॉलोअर्स के लिए बेहद संतोषजनक रहा है.

टिकी की कहानी इतनी प्रेरणादायक थी कि लाखों लोग रोज़ाना अपडेट्स देखने लगे. People से लेकर NBC News तक ने इसे कवर किया. इस ध्यान ने हर जगह के फोस्टर डॉग्स की स्थिति पर प्रकाश डाला.

आज, टिकी अपने नए परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहा है. वह एक डॉग की तरह जीना सीख रहा है और उसके साथी कुत्ते उसे खेलना और समूह का हिस्सा बनना सिखा रहे हैं. टिकी का परिवर्तन किसी चमत्कार से कम नहीं है और यह साबित करता है कि प्यार, धैर्य — और ढेर सारा चीज़ (cheese) — टूटे हुए दिलों को भी जोड़ सकता है.

नाज़गुल (Nazgul)

Tatler Asia
Nazgul crossed the finish line of the cross-country skiing event of the Winter Olympics (Photo: @olympics/Instagram)
Above नाज़गुल ने विंटर ओलंपिक्स के क्रॉस-कंट्री स्कीइंग इवेंट की फिनिश लाइन पार की (Photo: @olympics/Instagram)
Nazgul crossed the finish line of the cross-country skiing event of the Winter Olympics (Photo: @olympics/Instagram)

यदि आप विंटर ओलंपिक्स देख रहे हैं, तो आपने उस कुत्ते के बारे में जरूर सुना होगा जिसने कुछ ओलंपियनों के साथ क्रॉस-कंट्री स्कीइंग इवेंट की फिनिश लाइन पार की. यह कुत्ता “नाज़गुल” है, जो एक दो साल का चेकोस्लोवाकियन वुल्फडॉग है. वह अपने परिवार के बायोथलॉन इवेंट देखने के दौरान केनेल से भाग निकला था.

भले ही वह एक वुल्फडॉग है, लेकिन ओलंपिक्स में उसकी चंचलता और “गोल्डन रिट्रीवर एनर्जी” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. यहां तक कि रेडिट (Reddit) पर उसे मानद स्वर्ण पदक देने की याचिका भी शुरू हो गई.

मू डेंग (Moo Deng)

“पंच” से पहले, थाईलैंड के खाओ खेओ ओपन ज़ू में पैदा हुई प्यारी सी पिग्मी हिप्पोपोटामस “मू डेंग” का जलवा था. उसके नाम (जिसका अर्थ है “बाउंसी पोर्क”) से लेकर उसके नखरे और चमकती त्वचा तक, सब कुछ उसे इंटरनेट सुपरस्टार बनाता है. 2024 में मू डेंग इतनी प्रसिद्ध थी कि SNL पर उसका किरदार निभाया गया और बाज़ार में उसके नाम के मर्चेंडाइज़ की बाढ़ आ गई.

आज की दुनिया में जहां लोग सुकून, सुरक्षा और समुदाय की तलाश कर रहे हैं, “पंच” की कहानी लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर प्रभावित करती है. टिकी की बहादुरी और अलोका का दृढ़ संकल्प हमारी अपनी भावनाओं को दर्शाता है, जबकि नाज़गुल की बेफिक्री और मू डेंग के नखरे हमें हमारी मासूमियत की याद दिलाते हैं.

“पंच” का सफर अभी शुरू ही हुआ है, और हम उम्मीद करते हैं कि उसे पता हो कि उसके पीछे कितना बड़ा जनसमर्थन है.

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