पॉपकॉर्न बकेट्स सिनेमाघरों का गुप्त हथियार बन गए हैं, जो साधारण स्नैक्स को सबसे ज्यादा बिकने वाली वस्तु में बदल रहे हैं. इन अनोखे फिल्म टाई-इन्स के इर्द-गिर्द पनप रहे इस व्यापारिक उत्साह के बारे में जानें.
पॉपकॉर्न बकेट्स अब साधारण स्नैक होल्डर नहीं रहे. महामारी के बाद दर्शकों की कमी और कम फिल्म रिलीज़ से जूझ रहे सिनेमाघरों के लिए ये राजस्व का प्रमुख साधन बन गए हैं. एएमसी (AMC) जैसी चेन्स अब प्रमुख फिल्मों से जुड़ी इन नवीन वस्तुओं से सालाना करोड़ों रुपये कमाती हैं. सीएनबीसी (CNBC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में बॉक्स ऑफिस 3.4% गिरकर 8.74 बिलियन डॉलर रह गया. इस गिरावट के बीच यह वृद्धि थियेटर जाने को एक विशेष अनुभव बनाने के व्यापक प्रयासों को दर्शाती है.
पॉपकॉर्न बकेट्स का व्यापार मुख्य रूप से सीमित उपलब्धता और सोशल मीडिया की चर्चा पर निर्भर करता है, जो लोगों को तुरंत खरीदारी के लिए प्रेरित करता है. केवल तीन साल पहले तक एएमसी कोई मर्चेंडाइज़ नहीं बेचता था. वहीं पिछले साल इसने केवल बकेट्स, ड्रिंक कंटेनर और टी-शर्ट से 65 मिलियन डॉलर की कमाई की. इसके सीईओ एडम एरोन अक्टूबर 2023 में लॉन्च किए गए टेलर स्विफ्ट एरास टूर बकेट को इस चलन की शुरुआत का श्रेय देते हैं, जो अब लगभग हर महीने रिलीज़ होते हैं. सिनेमार्क, मार्कस रीगल और बी एंड बी थिएटर्स जैसे अन्य संचालकों ने भी इसका अनुसरण किया है. वे रियायती बिक्री बढ़ाने, नई रिलीज़ के लिए उत्साह पैदा करने और दोबारा इस्तेमाल होने वाली यादगार वस्तुएं पेश करने के लिए पॉपकॉर्न बकेट्स का उपयोग कर रहे हैं.
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