योन सांग-हो, जून जी-ह्यून, कू क्यो-ह्वान और जी चांग-वूक की बहुप्रतीक्षित फिल्म “कॉलोनी” को 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के मिडनाइट स्क्रीनिंग सेक्शन में चुना गया. दर्शकों ने 7 मिनट तक खड़े होकर तालियां बजाईं, जिसने कोरियाई ज़ोंबी यूनिवर्स को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया!
जून जी-ह्यून और जी चांग-वूक अभिनीत कोरियाई साइंस-फिक्शन फिल्म “कॉलोनी” (Colony) 28 मई को रिलीज़ होने वाली है. इससे पहले “मिडनाइट स्क्रीनिंग” सेक्शन में इसका वर्ल्ड प्रीमियर हुआ, जहां फिल्म को 7 मिनट तक दर्शकों और समीक्षकों का स्टैंडिंग ओवेशन मिला. साल 2016 में निर्देशक योन सांग-हो ने अपनी फिल्म “ट्रेन टू बुसान” के साथ कान्स में कदम रखा था. इसी फिल्म ने वैश्विक स्तर पर के-ज़ोंबी (K-Zombie) का चलन शुरू किया. इसके बाद 2020 में आई “पेनिनसुला” ने भी दर्शकों को अचंभित कर दिया था. योन सांग-हो ने अपनी अनूठी दृश्य शैली और मानवीय संवेदनाओं की गहरी समझ के साथ वैश्विक सिनेमा में “ज़ोंबी यूनिवर्स” की मजबूत नींव रखी है. अब वे एक बड़े विजन के साथ अपनी नई फिल्म के ज़रिए कान्स में वापस लौटे हैं. प्रीमियर के दौरान मुख्य अभिनेत्री जून जी-ह्यून सफेद हाउते कॉउचर (Haute Couture) गाउन में बेहद सुरुचिपूर्ण और आकर्षक लग रही थीं. उनके साथ कू क्यो-ह्वान, जी चांग-वूक, शिन ह्यून-बीन और किम शिन-रोक जैसे बेहतरीन कलाकार भी नज़र आए, जिन्होंने इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया.

Above फिल्म “कॉलोनी” में विकसित ज़ोंबी सोचने और सामूहिक चेतना साझा करने में सक्षम हैं, जो मुख्य पात्रों के लिए एक अभूतपूर्व संकट पैदा करते हैं. (छवि: IMDb)
“कॉलोनी”: विनाशकारी दुनिया का एक भयंकर संघर्ष
योन सांग-हो के ज़ोंबी यूनिवर्स की अगली कड़ी के रूप में, “कॉलोनी” की कहानी सियोल के बीचों-बीच स्थित एक ऐसी बंद इमारत में बुनी गई है जो आधुनिक सभ्यता और उन्नत तकनीक का प्रतीक है. पिछली फिल्मों के रक्तपिपासु ज़ोंबी से अलग, इस बार वायरस ने अप्रत्याशित रूप से खुद को विकसित कर लिया है. कान्स में एक साक्षात्कार के दौरान योन सांग-हो ने बताया कि जब वे सोच रहे थे कि ‘आधुनिक समाज का असली डर क्या है’, तो उनके मन में विचार आया कि कैसे तेज़ संचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी सामूहिक बुद्धिमत्ता का निर्माण कर रहे हैं जो व्यक्तिगत पहचान को मिटा रही है. इसी विचार ने उन्हें सामूहिक चेतना वाले ज़ोंबी बनाने के लिए प्रेरित किया. नतीजतन, फिल्म में जैसे-जैसे ज़ोंबी की संख्या बढ़ती है, वे जीवों की तरह सामूहिक चेतना विकसित कर लेते हैं और इंसानों के बचने की रणनीतियों को एक साथ मिलकर विफल करने का प्रयास करते हैं.

Above जून जी-ह्यून ने एक शांत और दृढ़ बायोटेक प्रोफेसर की भूमिका निभाई है, जो “कॉलोनी” में दुनिया के अंत का सामना करने वाले सर्वाइवर का शानदार चित्रण करती हैं. (छवि: IMDb)
बड़े पर्दे पर अभिनेत्री की शानदार वापसी
विकसित ज़ोंबी की इस नई अवधारणा के अलावा, “कॉलोनी” में जून जी-ह्यून की दमदार मौजूदगी भी चर्चा का मुख्य विषय है. साल 2015 की फिल्म “असासिनेशन” के बाद 11 वर्षों में यह बड़े पर्दे पर उनकी पहली वापसी है. उन्होंने इस फिल्म में एक शांत और समझदार बायोटेक प्रोफेसर “क्वोन से-जियोंग” का किरदार निभाया है, जो एक कॉर्पोरेट इवेंट के दौरान अचानक भयानक वायरस को फैलते हुए देखती हैं. अपनी सुरुचिपूर्ण और फैशनेबल छवि के लिए मशहूर जून जी-ह्यून ने खुद को बुद्धिमत्ता और ताकत के प्रतीक एक सर्वाइवर लीडर में ढाल लिया है. प्रमोशनल इवेंट के दौरान उन्होंने बताया कि वे हमेशा से निर्देशक योन सांग-हो की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हैं, इसलिए जब उन्हें यह स्क्रिप्ट मिली तो उन्होंने बिना झिझक हां कर दी. फिल्म में उन्होंने न केवल अपनी बुद्धिमत्ता दिखाई है, बल्कि कई खतरनाक एक्शन दृश्य भी खुद किए हैं. उनके इस शानदार प्रदर्शन की निर्देशक योन सांग-हो ने भी जमकर तारीफ की.

Above जाने-माने अभिनेता जी चांग-वूक ने “कॉलोनी” में एक अत्यंत फुर्तीले सुरक्षा गार्ड की भूमिका निभाई है, जिसमें वे जून जी-ह्यून के साथ जीवन-मरण के संघर्ष से भरे कई बेहतरीन दृश्यों में नज़र आते हैं. (छवि: IMDb)
सितारों से सजी बेहतरीन कास्ट
गगनचुंबी इमारत में सर्वाइवल की इस कहानी को और भी खास बनाते हैं अभिनेता जी चांग-वूक, जो पहली बार बड़े पर्दे पर जून जी-ह्यून के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने इमारत के सुरक्षा गार्ड “चोई ह्यून-सियोक” की भूमिका निभाई है. अपनी फुर्ती और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण वे जीवित बचे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जिम्मेदारी उठाते हैं. वहीं, “डी.पी.” जैसी सीरीज़ से लोकप्रियता हासिल करने वाले अभिनेता कू क्यो-ह्वान ने एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक “सियो योंग-चुल” की भूमिका निभाई है, जिसके पास वायरस फैलने का मुख्य रहस्य है. अपनी कंपनी से निकाले जाने के बाद वह बायोटेररिस्ट हमला करता है और सभी की नियति बदलने वाला मुख्य व्यक्ति बन जाता है. इसके अलावा, शिन ह्यून-बीन, गो सू और किम शिन-रोक जैसे अन्य प्रतिभाशाली कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं. यह फिल्म एक बंद इमारत में इंसानी स्वभाव के अंधेरे और उजले, दोनों ही पहलुओं को उजागर करती है, जिससे एक बेहद दिलचस्प और जटिल कहानी बनती है.




