8 साल के लंबे इंतज़ार के बाद रिलीज़ हुई “अलविदा यूएफओ” आखिर इस साल के फिल्म अवार्ड्स में ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ कैसे बन गई?
44वें हांगकांग फिल्म अवार्ड्स इस सप्ताह की शुरुआत में संपन्न हुए. अनेक विजेता फिल्मों के बीच, हांगकांग की विज्ञान-कथा ड्रामा फिल्म “अलविदा यूएफओ” विशेष रूप से उभरी. इसने ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’, ‘सर्वश्रेष्ठ निर्देशक’ और ‘सर्वश्रेष्ठ पटकथा’ जैसे तीन प्रमुख पुरस्कार जीते और इस साल की सबसे बड़ी डार्क हॉर्स बन गई.
“अलविदा यूएफओ” की कहानी ‘देर आए दुरुस्त आए’ वाली कहावत को सच साबित करती है. इस फिल्म की शूटिंग 2018 में ही पूरी हो गई थी, लेकिन कई बाधाओं के बाद यह मार्च 2026 में हांगकांग के सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई. आठ साल के लंबे इंतज़ार के बाद आते ही यह फिल्म अवार्ड्स का मुख्य आकर्षण बन गई. इस फिल्म का निर्देशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध निर्देशक जॉन वू के छात्र पैट्रिक लेउंग (Pat) ने किया है. सुई तिएन-यू, वोंग यू-नाम और चार्लेन चोई अभिनीत यह फिल्म अपने मार्मिक और कल्पनाशील दृश्यों के ज़रिए हांगकांगवासियों की बचपन की यादों को ताज़ा करती है.
“अलविदा यूएफओ” की कहानी क्या है? इसका कथानक, रिलीज़ की तारीख और स्टार कास्ट क्या है? आइए विश्लेषण करते हैं कि यह फिल्म इस साल के अवार्ड्स में क्यों छाई रही.
“अलविदा यूएफओ” की कहानी: 1980 के दशक की यूएफओ शहरी किंवदंती?
“अलविदा यूएफओ” की पृष्ठभूमि 1980 के दशक में हांगकांग के वाह फू एस्टेट के ऊपर से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले यूएफओ की चर्चित किंवदंती पर आधारित है. साल 1985 में तीन किशोरों—चान ची-किन (सुई तिएन-यू), हो का-हिम (वोंग यू-नाम) और लाम हो-यी (चार्लेन चोई) ने रात के आसमान को चीरती हुई एक रहस्यमयी रोशनी देखी. तब से यह रहस्य उनके जीवन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया.
जैसे-जैसे ये तीनों बड़े होते हैं, वे जीवन के अलग-अलग रास्तों पर निकल पड़ते हैं. कोई वास्तविकता में उलझ जाता है, कोई अपने सपनों का पीछा करता है, तो कोई समय की धारा के साथ बहने लगता है. उस समय हांगकांग भी बड़े बदलावों से गुज़र रहा था—अस्सी के दशक की उम्मीदों और नब्बे के दशक की अस्थिरता से लेकर नई सदी के खालीपन और अकेलेपन तक. समय के साथ, वे किशोर समाज की भीड़ में कहीं खो गए, और उनका अपना परिचित शहर भी अनजान सा लगने लगा.
सालों बाद, वे तीनों फिर से मिलते हैं. जीवन की मजबूरियों और खुद को खो देने के एहसास के बीच, वे खुद से फिर वही सवाल पूछते हैं: छत से देखी गई वह रोशनी क्या वाकई एलियंस की थी, या फिर उनके युवावस्था के साझा सपनों की महज़ एक कहानी थी? “अलविदा यूएफओ” पीढ़ियों तक फैली इस स्मृति के माध्यम से एक पीढ़ी के विकास, उनकी हार और शहर के बदलते स्वरूप को बड़े ही मार्मिक ढंग से दर्शाती है.
Above “अलविदा यूएफओ” फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर यहाँ देखें
“अलविदा यूएफओ”: वाह फू एस्टेट के सुनहरे दिनों की वापसी
“अलविदा यूएफओ” में, वाह फू एस्टेट केवल एक जगह नहीं बल्कि एक अहम किरदार की तरह है. फिल्म की ज़्यादातर शूटिंग यहीं हुई है (जिसे फिल्म में वाह फू नंबर 1 कहा गया है), जो हांगकांग की इस लुप्त होती जगह को कैमरे में कैद करती है. पुरानी इमारतों की छतें, चबूतरे और समुद्र का नज़ारा—यह सब मिलकर एक गहरी पुरानी यादों वाली भावना पैदा करते हैं.
यह फिल्म 70 और 80 के दशक के सार्वजनिक आवास एस्टेट की छतों, खेल के मैदानों और समुद्र के सामने वाले दृश्यों को ही नहीं दिखाती, बल्कि ये जगहें मुख्य किरदारों के मिलने और बिछड़ने की गवाह भी बनती हैं. 1985 से 2003 तक हांगकांग के सुनहरे दौर को समेटते हुए, वाह फू एस्टेट की सीढ़ियों, न्यूज़स्टैंड और रोज़मर्रा के दृश्यों को यथार्थवादी और काव्यात्मक दोनों ही तरीकों से फिल्माया गया है. यह एक पूरी पीढ़ी के हांगकांगवासियों के जीवन की छाप छोड़ती है. हांगकांग मूवी की एक समीक्षा में लिखा गया है: ‘यह हांगकांगवासियों के बड़े होने की फिल्म है, जो हांगकांग के उस महान युग के साथ जुड़ती है. दर्शक आसानी से खुद को इसमें ढाल सकते हैं, खुद को खोज सकते हैं, और भावुक कर देने वाले दृश्य व संवादों से जुड़ सकते हैं. यह इस साल की सबसे मार्मिक स्थानीय फिल्म है.’

Above वाह फू एस्टेट की एक बेहद दुर्लभ और पुरानी तस्वीर (चित्र: गेटी)
“अलविदा यूएफओ”: मिलेनियम आइडल्स का शानदार पुनर्मिलन
“अलविदा यूएफओ” के शुरुआती विचार में मिलेनियम आइडल ग्रुप्स, शाइन (Shine) और ट्विन्स (Twins) को फिर से एक साथ बड़े पर्दे पर लाने की योजना थी. 2002 के बाद से ये दोनों ग्रुप कभी एक साथ नज़र नहीं आए थे, इसलिए अगर ऐसा होता तो यह यकीनन चर्चा का विषय बनता. हालांकि, अंतिम कास्ट में कुछ बदलाव हुए: मुख्य भूमिकाओं में शाइन के सुई तिएन-यू और वोंग यू-नाम, तथा ट्विन्स की चार्लेन चोई शामिल हुए. वहीं, गिलियन चुंग द्वारा निभाई जाने वाली सहायक अभिनेत्री की भूमिका अंततः मिशेल वाई को सौंप दी गई.

Above मिशेल वाई ने फिल्म “अलविदा यूएफओ” में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए 44वें हांगकांग फिल्म अवार्ड्स में ‘सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री’ का पुरस्कार जीता.
इस फिल्म में मिशेल वाई ने एक डांस होस्टेस ‘आ यान’ का किरदार निभाया है. अपने बारीक और भावपूर्ण अभिनय के दम पर, उन्होंने बदलते समय में संघर्ष करने वाली एक महिला की मजबूत छवि पेश की. इस भूमिका ने न केवल दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, बल्कि उन्हें 2026 में 44वें हांगकांग फिल्म अवार्ड्स में ‘सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री’ का सम्मान भी दिलाया.

Above चार्लेन चोई अपनी नई फिल्म “अलविदा यूएफओ” के एक आकर्षक दृश्य में
इसके अलावा, सुई तिएन-यू ने महत्वकांक्षी चान ची-किन का किरदार निभाया है, जबकि वोंग यू-नाम एक ऐसे युवा हो का-हिम के रूप में नज़र आते हैं जिसका भविष्य अंधकारमय लगता है. वहीं, चार्लेन चोई ने लाम हो-यी की भूमिका निभाई है, जो दूसरों की उम्मीदों के बोझ तले दबी है. हालांकि अब वे युवावस्था की उस मासूमियत को पीछे छोड़ चुके हैं, लेकिन कैमरे के सामने उनका अभिनय अधिक परिपक्व और स्वाभाविक लगता है. उनके बीच की केमिस्ट्री आज भी उतनी ही गहरी और सच्ची है.

Above “अलविदा यूएफओ” का एक बेहद खूबसूरत और भावपूर्ण दृश्य

Above इस फिल्म ने वाह फू एस्टेट के सुनहरे दिनों को जीवंत कर दिया है




